फेल हुई तो हो जाएगी शादी! UP Board की कॉपियों में निकले 500 के नोट और दर्दनाक चिट्ठियां, क्या रिश्वत और आंसू दिलाएंगे नंबर?

Edited By Anil Kapoor,Updated: 23 Mar, 2026 10:09 AM

500 rupee notes and painful letters found in up board answer sheets

Lucknow News: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के संपन्न होने के बाद अब प्रदेश भर में मूल्यांकन का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। 18 मार्च 2026 से शुरू हुई इस प्रक्रिया के लिए बोर्ड ने चाक-चौबंद...

Lucknow News: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के संपन्न होने के बाद अब प्रदेश भर में मूल्यांकन का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। 18 मार्च 2026 से शुरू हुई इस प्रक्रिया के लिए बोर्ड ने चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं, लेकिन मूल्यांकन केंद्रों से जो खबरें निकलकर सामने आ रही हैं, वे ना केवल हैरान करने वाली हैं बल्कि छात्रों के मानसिक दबाव को भी दर्शाती हैं।

मूल्यांकन केंद्रों पर नोटों और गुहार का दौर
प्रदेश के लगभग 260 केंद्रों पर करीब 1.5 लाख शिक्षक दिन-रात कॉपियां जांचने में जुटे हैं। इस दौरान परीक्षकों को उत्तर पुस्तिकाओं के भीतर 100, 200 और 500 रुपए के नोट मिल रहे हैं। छात्र इस पुरानी और गलत परंपरा के जरिए शिक्षकों को रिश्वत देकर पास होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। हालांकि, इस बार बोर्ड की सख्ती ने छात्रों के इन मंसूबों पर पानी फेर दिया है। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि कॉपियों में पैसे मिलना अनुचित साधन (Unfair Means) की श्रेणी में आएगा और ऐसे मामलों में छात्र के साथ-साथ संबंधित कक्ष निरीक्षक पर भी कार्रवाई हो सकती है।

'सर, पास कर दो वरना शादी हो जाएगी...'
सिर्फ पैसे ही नहीं, कॉपियां भावुक अपीलों और फिल्मी कहानियों से भी भरी पड़ी हैं। कुछ छात्राओं ने लिखा है कि यदि वे इस बार फेल हो गईं, तो उनके परिजन जबरन उनकी शादी कर देंगे। वहीं, कुछ छात्रों ने अपनी गरीबी, माता-पिता की बीमारी और करियर की दुहाई देते हुए पास करने की विनती की है। परीक्षकों के अनुसार, कई कॉपियों में तो उत्तरों की जगह कविताएं और फिल्मी संवाद लिखे मिले हैं। एक शिक्षक ने बताया कि एक छात्र ने लिखा कि सर, यह मेरे जीवन का आखिरी मौका है, अगर पास नहीं हुआ तो मैं कहीं का नहीं रहूंगा।

सीसीटीवी और वॉयस रिकॉर्डर का पहरा
इस साल यूपी बोर्ड ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग का सहारा लिया है। हर मूल्यांकन केंद्र सीसीटीवी कैमरों और वॉयस रिकॉर्डर की निगरानी में है। मूल्यांकन केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात हैं और शिक्षकों को केंद्र के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। अंकों की फीडिंग सीधे पोर्टल पर डिजिटल रूप में की जा रही है, जिससे मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश खत्म हो गई है। ऐसे में चाहकर भी शिक्षक किसी इमोशनल अपील या रिश्वत के आधार पर नंबर नहीं दे सकते।

शिक्षकों पर भी लटकी कार्रवाई की तलवार
बोर्ड ने ना केवल छात्रों बल्कि शिक्षकों के लिए भी कड़े नियम बनाए हैं। यदि किसी परीक्षक की जांच में अंकों की गणना (Totaling) या एंट्री में गलती पाई जाती है, तो उनके पारिश्रमिक (Honorarium) में 25% से लेकर 85% तक की कटौती की जाएगी। बड़ी लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों को अगले तीन वर्षों के लिए बोर्ड के किसी भी कार्य से प्रतिबंधित (Debar) करने का प्रावधान भी किया गया है।

स्टेप मार्किंग और रिजल्ट की उम्मीद
सख्ती के बीच छात्रों के लिए राहत की बात यह है कि बोर्ड ने स्टेप मार्किंग (Step Marking) की व्यवस्था लागू रखी है। इसका अर्थ है कि यदि किसी छात्र ने पूरा उत्तर सही नहीं लिखा है, लेकिन कुछ शुरुआती चरण (Steps) सही हैं, तो उसे उसके अनुपात में अंक दिए जाएंगे। शिक्षकों को निर्देश हैं कि वे केवल छात्र के शैक्षणिक प्रदर्शन पर ध्यान दें और बाहरी अपीलों को पूरी तरह नजरअंदाज करें। यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के परिणाम अप्रैल 2026 के मध्य तक घोषित होने की संभावना है। ज्ञात हो कि 26 मार्च 2026 को रामनवमी के सार्वजनिक अवकाश के कारण मूल्यांकन कार्य स्थगित रहेगा।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!