जिसे मृत बताकर पुतले का किया गया अंतिम संस्कार, वह असल में जीवित निकला— हापुड़ में चौकाने वाला सच सामने आया!

Edited By Anil Kapoor,Updated: 29 Nov, 2025 08:01 AM

effigy of man who was declared dead was cremated but he turned out to be alive

Hapur News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ (गढ़मुक्तेश्वर) से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां गंगा घाट पर एक युवक को मृत दिखाकर पुतले का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, लेकिन अब पता चला कि युवक पूरी तरह स्वस्थ है और प्रयागराज में अपने घर पर है।...

Hapur News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ (गढ़मुक्तेश्वर) से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां गंगा घाट पर एक युवक को मृत दिखाकर पुतले का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, लेकिन अब पता चला कि युवक पूरी तरह स्वस्थ है और प्रयागराज में अपने घर पर है। पुलिस ने इस पूरे फर्जीवाड़े में 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना का पूरा सच
मिली जानकारी के मुताबिक, बीते गुरुवार शाम हापुड़ के ब्रजघाट श्मशान घाट पर 4 लोग एक कार में शव लेकर पहुंचे और अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। उन्होंने बाजार से घी और अन्य सामग्री खरीदी और चुपचाप पुतले को चिता पर रख दिया। लेकिन उनके संदिग्ध व्यवहार ने वहां मौजूद नगरपालिका कर्मचारी नितिन का ध्यान खींचा। जब उसने चादर हटाकर देखा, तो लाश वास्तव में पुतला निकला। नितिन ने तुरंत अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी।

पुलिस की कार्रवाई
पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों की कार से 3 पुतले बरामद किए। इस फर्जीवाड़े में शामिल 2 आरोपी कमल सोमानी और उसका साथी आशीष खुराना (दोनों दिल्ली के उत्तम नगर निवासी) को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि 2 अन्य फरार हैं।

बीमा क्लेम की योजना
पूछताछ में पता चला कि टेक्सटाइल व्यापारी कमल सोमानी पर 50 लाख रुपए का कर्ज था और वह लंबे समय से तनाव में था। उसने अपने कर्मचारी नीरज के भाई अंशुल के नाम का फर्जी आधार और पैन कार्ड किसी काम का बहाना बनाकर हासिल किया। फिर उसने अंशुल के नाम पर 50 लाख रुपये का टाटा AIA बीमा करवा लिया। योजना यह थी कि अंशुल को शहर से बाहर भेजा जाए। उसके नाम पर पुतले को चिता पर जलाया जाए। डेथ सर्टिफिकेट और चिता का रसीद लेकर बीमा क्लेम किया जाए। लेकिन पुलिस ने इस योजना को पहले ही पकड़ लिया। कमल सोमानी के फोन से वीडियो कॉल कर अंशुल से संपर्क किया गया, जिन्होंने बताया कि उन्हें अपनी 'मृत्यु' की योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

पुलिस की जांच और कार्रवाई
सर्किल ऑफिसर स्तुति सिंह ने बताया कि यह बीमा धोखाधड़ी का मामला है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!