Edited By Anil Kapoor,Updated: 27 Nov, 2025 12:19 PM

Badaun News: बदायूं जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जहां 35 साल के युवक ने 14 साल की नाबालिग छात्रा को बहाने से अपने घर बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर वीडियो बनाकर महीनों तक उसे ब्लैकमेल करता रहा। मामला तब सामने आया जब......
Badaun News: बदायूं जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जहां 35 साल के युवक ने 14 साल की नाबालिग छात्रा को बहाने से अपने घर बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर वीडियो बनाकर महीनों तक उसे ब्लैकमेल करता रहा। मामला तब सामने आया जब नाबालिग 6 महीने की गर्भवती हो गई। इस पूरी घटना में स्थानीय कोतवाली पुलिस की लापरवाही भी उजागर हुई है, जिसके बाद एसएसपी के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई।
कैसे खुला मामला?
पेट दर्द उठा, डॉक्टर के पास ले गए तो पता चला 6 महीने का गर्भ
पीड़ित बच्ची कक्षा नौ की छात्रा है। एक दिन जब उसे तेज पेट दर्द हुआ तो पिता उसे डॉक्टर के पास ले गए। अल्ट्रासाउंड में खुलासा हुआ कि बच्ची 6 महीने की गर्भवती है। यह सुनकर परिजन दंग रह गए। जब परिवार ने बच्ची से पूछताछ की तो उसने रोते हुए बताया कि पड़ोस में रहने वाला सोमवीर उर्फ भोला, जो रिश्ते में चाचा लगता है, उसने बहाने से उसे अपने घर बुलाया और बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। आरोपी ने वीडियो भी बना लिया और वायरल करने की धमकी देकर महीनों तक उसका शोषण करता रहा।
पंचायत की शर्मनाक करतूत
3.40 लाख रुपए जमा कराए, जबरन गर्भपात कराया, फिर करा दी शादी तय
परिवार जब कार्रवाई कराने की बात करने लगा तो गांव के कुछ दबंग पंचायतियों ने उल्टा उन पर दबाव डालना शुरू कर दिया। पंचायत ने आरोपी पक्ष से 3.40 लाख रुपए जमा कराए, बच्ची को जबरन एक स्थानीय डॉक्टर के पास ले जाकर गर्भपात कराया और फिर 40 साल के एक अधेड़ व्यक्ति से उसकी शादी तय करा दी। पंचायत ने कहा कि 1.70 लाख रुपए गर्भपात और अन्य खर्चों में लग गए, बाकी रकम शादी और दावत में खर्च होगी। लेकिन पीड़ित पिता ने कम उम्र का हवाला देते हुए शादी करने से इंकार कर दिया। इसके बाद पंचायतियों ने धमकी दी कि अगर पुलिस में शिकायत की तो परिवार को गांव से निकाल दिया जाएगा।
पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद, फिर IGRS और SSP से शिकायत पर हुई कार्रवाई
पीड़ित परिवार जब बिसौली कोतवाली पहुंचा तो इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह ने उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया और कार्रवाई में देरी की।इसके बाद पीड़ित ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज की और सीधे एसएसपी से मिलकर पूरी कहानी बताई। एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने तत्काल इंस्पेक्टर को एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस ने 5 नामजद और 1 अज्ञात आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की, पीड़िता का बयान दर्ज कराया और एक हफ्ते बाद मुख्य आरोपी सोमवीर उर्फ भोला को गिरफ्तार कर लिया।
बाकी आरोपी अब भी फरार
मुख्य आरोपी गिरफ्त में होने के बावजूद पंचायत के सदस्य, आरोपी के परिजन और कथित डॉक्टर अब तक पुलिस की पकड़ से दूर हैं।