Edited By Pooja Gill,Updated: 27 Jan, 2026 12:55 PM

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि सत्ता के अहंकार में डूबी भाजपा संविधान को अपने से नीचे समझने...
लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि सत्ता के अहंकार में डूबी भाजपा संविधान को अपने से नीचे समझने की भूल कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद ख़तरनाक है। उन्होंने कहा कि जनता आज यह सवाल कर रही है कि जब अपने ऊपर दर्ज मुक़दमे हटवाए गए, तब संविधान के किस अनुच्छेद के तहत यह कार्य किया गया।
सपा प्रमुख ने लगाए ये आरोप
मंगलवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कुछ लोग लगातार मंचों से ‘सनातनी संतों' का तिरस्कार कर रहे हैं और अपमानजनक उपमाओं का प्रयोग कर समाज में वैमनस्य फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि माघ मेले जैसे पवित्र आयोजन में भी नकारात्मक ‘बुलडोज़री सोच' के समर्थन में नारे लगवाकर धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया गया, जबकि उपद्रव करने वालों के विरुद्ध मुक़दमे दर्ज नहीं किए जा रहे हैं।
'हठ हमेशा विनाश की ओर ले जाता है'
सपा अध्यक्ष ने कहा कि सत्ताकामी भाजपा का धर्म-विरोधी चेहरा अब पूरी तरह बेनक़ाब हो चुका है। जो नुकसान होना था, वह हो चुका है और अब मजबूरी में मांगी गई माफ़ी का कोई महत्व नहीं रह जाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि माफ़ी वही मायने रखती है, जो दिल से मांगी जाए। अखिलेश यादव ने शासनाधीशों को आगाह करते हुए कहा कि हठ हमेशा विनाश की ओर ले जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का विचार, वक्तव्य और व्यवहार लगातार असंवैधानिक रहा है। सत्ता के नशे में चूर संविधान-विरोधी भाजपा अब जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है।