Edited By Purnima Singh,Updated: 02 Feb, 2026 02:07 PM

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के नौहझील क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर पर बच्चों को जबरन नमाज पढ़ाने और उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने का आरोप लगा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मामले की...
मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के नौहझील क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर पर बच्चों को जबरन नमाज पढ़ाने और उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने का आरोप लगा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हेडमास्टर जान मोहम्मद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
आरोपों का विवरण
स्थानीय भाजपा बाजना मंडल अध्यक्ष दुर्गेश प्रधान की शिकायत के मुताबिक, हेडमास्टर बच्चों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहा था। आरोप है कि विद्यालय परिसर में बाहर से तबलीगी जमात के लोग बुलाए जाते थे, जो बच्चों को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते थे और यह बताया जाता था कि “इस्लाम ही सर्वोत्तम धर्म है।”
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राष्ट्रगान और धार्मिक संवेदनशीलता पर विवाद
शिकायत में यह भी दावा किया गया कि विद्यालय में राष्ट्रगान नहीं होने दिया जाता था। यदि कोई बच्चा राष्ट्रगान गाने की कोशिश करता, तो उसे हेडमास्टर द्वारा डांटा जाता। आरोप है कि हेडमास्टर स्वयं भी राष्ट्रगान के दौरान खड़ा नहीं होता था। इसके अलावा, हेडमास्टर पर हिंदू देवी-देवताओं और स्थानीय महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का भी आरोप है।
बीएसए की कार्रवाई
बीएसए मथुरा ने खंड शिक्षा अधिकारी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर हेडमास्टर जान मोहम्मद को सस्पेंड कर दिया है। आरोपी शिक्षक को प्राथमिक विद्यालय नगला हुमायूं, मांट से संबद्ध किया गया है। बीईओ छाता और बीईओ मांट की दो सदस्यीय कमेटी को विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी का बयान
बीएसए मथुरा ने कहा कि बच्चों को विशेष धर्म की ओर प्रेरित करना और राष्ट्रगान न गाने देना गंभीर मामला है। जांच रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में आवश्यक कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।