Edited By Ramkesh,Updated: 11 Feb, 2026 07:15 PM

उत्तर प्रदेश के कानपुर में लैंबॉर्गिनी से छह लोगों को कुचलने के मामले में आरोपी शिवम मिश्रा की गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस दिल्ली के लिए रवाना हो गई है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कापुर लाया जाएगा। शिवम मिश्रा के अधिवक्ता ने दावा किया है कि घटना...
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में लैंबॉर्गिनी से छह लोगों को कुचलने के मामले में आरोपी शिवम मिश्रा की गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस दिल्ली के लिए रवाना हो गई है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कापुर लाया जाएगा। शिवम मिश्रा के अधिवक्ता ने दावा किया है कि घटना के समय शिवम कार नहीं चला रहा था, जबकि पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों के बयान व अन्य सबूतों से यह स्पष्ट है कि गाड़ी शिवम ही चला रहा था। ड्रावर मोहन के सरेंडर को कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया था। कार रिलीज के प्रार्थना पत्र पर पुलिस ने कहा कि अभी गड़ी को नहीं छोड़ा जाएगा क्यों उसका टेक्निकल मुआयना करना है।
छह लोगों को कुचलने से हुई थी मौत
आप को बता दें कि कानपुर में लैंबॉर्गिनी से छह लोगों को कुचलने के मामले में आरोपी शिवम के वकील मृत्युंजय कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि गाड़ी शिवम के परिवार का चालक मोहन चला रहा था, न कि शिवम। कानपुर के पॉश ग्वालटोली इलाके में 'वीआईपी रोड' पर अपराह्न करीब सवा तीन बजे 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की कार लैंबॉर्गिनी ने कई वाहनों को टक्कर मारते हुए कई लोगों को कुचल दिया था। इस घटना में कम से कम छह लोग घायल हो गए थे।
पुलिस बोली- हादसे के समय कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था
अधिवक्ता मृत्युंजय कुमार ने कहा, "कार परिवार का चालक चला रहा था, न कि शिवम मिश्रा। हम अदालत के समक्ष तथ्य और साक्ष्य पेश करेंगे।" उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि इस मामले को उनके मुवक्किल के खिलाफ सीधे आपराधिक कृत्य के बजाय एक दुर्घटना के रूप में देखा जाए। हालांकि, कानपुर पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि अब तक की जांच में यह पुष्टि हो चुकी है कि हादसे के समय कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था।
सीसीटीवी फुटेज से शिवम मिश्रा की संलिप्तता की पुष्टि
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने को बताया कि उपलब्ध सबूत और चश्मदीदों के बयान शिवम मिश्रा के गाड़ी चलाने की पुष्टि करते हैं। उन्होंने कहा, "कभी-कभी प्राथमिकी में शुरुआत में गलत या अधूरी जानकारी हो सकती है। जांच के दौरान सबूतों, सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों से शिवम मिश्रा की संलिप्तता की पुष्टि हुई है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके के वीडियो का भी हवाला दिया, जिसमें टक्कर के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग और बचावकर्मी को एक व्यक्ति को चालक की सीट से बाहर खींचते देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि वह शिवम मिश्रा ही है।
वकील की दलीलों से जांच पर कोई असर नहीं
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अतुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मौके के सीसीटीवी फुटेज से भी पहचान की हुई है कि कार से बाहर निकाला गया व्यक्ति शिवम मिश्रा ही था। उन्होंने कहा कि वकील की दलीलों से जांच पर कोई असर नहीं पड़ेगा। डीसीपी ने कहा, "कोई भी वकील अदालत में जो दलील देता है, उससे हमारी जांच प्रभावित नहीं होती। यदि अदालत किसी स्पष्टीकरण की मांग करती है, तो सभी तथ्य उसके समक्ष रखे जाएंगे।" एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस की टीम नोटिस देने के लिए आर्य नगर स्थित शिवम मिश्रा के घर भी गई थीं, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। प्राथमिकी में शुरुआत में लैंबॉर्गिनी कार के अज्ञात चालक का उल्लेख था, लेकिन बाद में इसमें शिवम मिश्रा का नाम आरोपी के तौर पर दर्ज किया गया। कार को फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती है शिवम
प्रकरण में लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इस बीच, मंगलवार को आरोपी शिवम मिश्रा के पिता तंबाकू कारोबारी के.के. मिश्रा ग्वालटोली पुलिस थाने पहुंचे और आरोप लगाया कि उनके बेटे को इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। पुलिस थाने के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए के.के. मिश्रा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि दुर्घटना के समय उनका बेटा गाड़ी नहीं चला रहा था। उन्होंने कहा, "मेरा बेटा गाड़ी नहीं चला रहा था। वह सो रहा था। हमारा चालक मोहन गाड़ी चला रहा था।" उन्होंने बताया कि शिवम की तबीयत खराब है और वह फिलहाल दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती है। शिवम के पिता ने आश्वासन दिया कि वह और उनका बेटा दोनों जांच में सहयोग करेंगे और कहा कि स्वास्थ्य में सुधार होने पर शिवम पुलिस की पूछताछ में शामिल होगा।