Edited By Ramkesh,Updated: 12 Feb, 2026 03:56 PM

चर्चित लेम्बोर्गिनी हादसे मामले में आरोपी शिवम मिश्रा को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने शिवम मिश्रा की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए उसे जमानत दे दी है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की दलीलों और केस डायरी के अवलोकन के बाद न्यायालय ने...
कानपुर: चर्चित लेम्बोर्गिनी हादसे मामले में आरोपी शिवम मिश्रा को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने शिवम मिश्रा की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए उसे जमानत दे दी है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की दलीलों और केस डायरी के अवलोकन के बाद न्यायालय ने जमानत मंजूर की। हालांकि, अदालत ने जमानत के साथ आवश्यक शर्तें भी लगाई हैं।
आप को बता दें कि 8 फरवरी की रात कानपुर का पॉश इलाका ग्वालटोली उस वक्त दहल गया, जब तंबाकू किंग केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा की तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी ने 6 लोगों को रौंद दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक मोटरसाइकिल सवार हवा में 10 फुट ऊपर उछल गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिवम मिश्रा के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है।
कोर्ट में 'ड्राइवर ड्रामा' और सरेन्डर का खेल
इस हाई-प्रोफाइल मामले में आज उस वक्त नया मोड़ आया जब शिवम का ड्राइवर मोहन कोर्ट पहुंचा। मोहन ने दावा किया कि गाड़ी वह चला रहा था और तकनीकी खराबी के कारण हादसा हुआ। हालांकि, कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए ड्राइवर का सरेन्डर स्वीकार नहीं किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि पुलिस रिकॉर्ड में मोहन का नाम 'वॉन्टेड' (Wanted) की लिस्ट में नहीं है, इसलिए उसका आत्मसमर्पण स्वीकार नहीं किया जा सकता।
वायरल वीडियो ने किया दूध का दूध, पानी का पानी
शिवम के पिता और वकील दावा कर रहे हैं कि शिवम को मिर्गी के दौरे आते हैं और वह गाड़ी नहीं चला रहा था। लेकिन घटना के तुरंत बाद का एक वीडियो अब 'प्राइम एविडेंस' बन चुका है। वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि ड्राइविंग सीट पर शिवम मिश्रा ही बैठा है। एक बाउंसर, जिसके हाथ में वॉकी-टॉकी है, शिवम को सीट से बाहर निकलने में मदद कर रहा है। गाड़ी में उस वक्त कोई दूसरा ड्राइवर मौजूद नहीं था।