Edited By Ramkesh,Updated: 18 Jan, 2026 08:27 PM

जनपद के नवाबगंज थाना क्षेत्र से एक बेहद शर्मनाक और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां दबंगों ने एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति के साथ न सिर्फ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित भी किया। आरोप है कि दबंगों ने पीड़ित का सिर मुंडवा...
बरेली (मोहम्मद जावेद खान): जनपद के नवाबगंज थाना क्षेत्र से एक बेहद शर्मनाक और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां दबंगों ने एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति के साथ न सिर्फ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित भी किया। आरोप है कि दबंगों ने पीड़ित का सिर मुंडवा दिया, मूंछ और भौंह के बाल काट दिए और चेहरे पर कीचड़ पोत दी। इस घटना से इलाके में आक्रोश फैल गया है।
रुपये मांगना पड़ा भारी
पीड़ित पप्पू दिवाकर, निवासी गरसौली गांव, बहेड़ी तहसील, ने नवाबगंज थाने में दर्ज कराई गई तहरीर में बताया कि वह गेलटांडा गांव में चंद्रसेन के यहां रह रहा था। आरोप है कि चंद्रसेन ने उससे ट्रैक्टर खरीदने के लिए साढ़े चार लाख रुपये उधार लिए थे। जब पप्पू ने अपने रुपये वापस मांगे, तो चंद्रसेन, उसके बेटे पप्पू और गोधनलाल ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उस पर हमला कर दिया।
जातिसूचक गालियां और सार्वजनिक अपमान
पीड़ित का आरोप है कि दबंगों ने उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और ग्रामीणों के सामने मारपीट की। इसके बाद उसका सिर मुंडवा दिया गया, मूंछ और भौंह काट दी गईं और चेहरे पर कीचड़ पोत दी गई। इस घटना से पीड़ित की सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरी ठेस पहुंची है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
घटना के बाद पीड़ित शनिवार को नवाबगंज थाने पहुंचा और पुलिस को आपबीती सुनाई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने चंद्रसेन, उसके बेटे पप्पू और गोधनलाल के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। इसके साथ ही चार-पांच अज्ञात आरोपियों को भी मामले में शामिल किया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
जांच के सभी पहलुओं पर नजर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, गांव में यह चर्चा भी है कि पीड़ित पर तंत्र विद्या और खजाना दबा होने का झांसा देने जैसे आरोप लगते रहे हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।