वृंदावन नाव हादसा; बांके बिहारी के दर्शन करने आए एक परिवार के 7 लोगों की मौत...लापता 5 की तलाश दूसरे दिन भी जारी

Edited By Pooja Gill,Updated: 11 Apr, 2026 12:34 PM

vrindavan boat accident seven members of a family visiting banke bihari

मथुरा: उत्तर प्रदेश में मथुरा के वृंदावन क्षेत्र में यमुना नदी में नाव पलटने से लापता पांच यात्रियों की तलाश अभी जारी है। शुक्रवार दोपहर हुये हादसे में एक परिवार के सात सदस्यों समेत दस..

मथुरा: उत्तर प्रदेश में मथुरा के वृंदावन क्षेत्र में यमुना नदी में नाव पलटने से लापता पांच यात्रियों की तलाश अभी जारी है। शुक्रवार दोपहर हुये हादसे में एक परिवार के सात सदस्यों समेत दस लोगों की मृत्यु हो चुकी है। शनिवार को दूसरे दिन भी सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि वृंदावन यमुना नदी हादसे में अब तक 10 लोगो की मृत्यु हो चुकी है जबकि 22 लोगो का सफल रेस्क्यू किया जा चुका है। साथ ही लापता पांच लोगो के लिए सर्च ऑपरेशन अभी जारी है।

एक परिवार के 7 लोगों की मौत 
लुधियाना के जगराओं से आए एक ही परिवार के सात लोग जिनमें मां-बेटे, चाचा-चाची और बुआ-फूफ़ा शामिल हैं मौत के मुंह मे समा गए। रेस्क्यू टीम में सेना, एनडीआरएफ और उनकी,8 बोट, साथ ही एसडीआरएफ उसकी पांच बोट और पीएसी समेत 250 लोगों का दल सर्च ऑपरेशन में दिन रात लगा हुआ है। हादसे में जीवित बचे प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे श्रद्धालुओं से भरी नाव जुगल घाट से रवाना हुई थी। तट से लगभग 50 फीट दूर यमुना के बीच में 40 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही तेज हवाओं के कारण नाव डगमगाने लगी। श्रद्धालुओं ने नाविक से नाव रोकने की गुहार लगाई थी, क्योंकि आगे पीपा पुल (पांटून पुल) था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नाव दो बार टकराते-टकराते बची, लेकिन तीसरी बार पुल से जोरदार टक्कर हुई और नाव 25 फीट गहरे पानी में पलट गई।

किसी भी श्रद्धालु ने नहीं पहनी थी लाइफ जैकेट 
जांच में सामने आया है कि नाविक पप्पू निषाद ने किसी भी श्रद्धालु को लाइफ जैकेट नहीं दी थी। हादसे के बाद नाविक मौके से फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने रात 9 बजे हिरासत में ले लिया है। शुरुआती जांच के अनुसार, नाव की क्षमता कम की थी, लेकिन सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई। रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे अधिकारियों का कहना है कि यमुना का बहाव काफी तेज है, जिससे लापता लोगों के बहकर दूर जाने की आशंका है। इसके अलावा नदी की तलहटी में जमा गाद ,कीचड़ और रेत में शवों के दबे होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन का अनुमान है कि 24 घंटे बीतने के बाद शव फूलकर पानी की सतह पर आ सकते हैं।

बांके बिहारी के दर्शन करने आए थे सभी  
सभी श्रद्धालु लुधियाना के ‘श्री बांके बिहारी क्लब' की ओर से आयोजित 4 दिवसीय यात्रा पर आए थे। मृतकों की पहचान मधुर बहल, उनकी माता कविता बहल, चाचा चरणजीत, चाची पिंकी बहल, बुआ आशा रानी, अंजू गुलाटी और फूफा राकेश गुलाटी के रूप में हुई है। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने बताया, 'प्रशासन पूरी सतकर्ता के साथ लापता लोगों की संख्या का मिलान कर रहा है। रेस्क्यू ऑपरेशन में स्थानीय गोताखोरों की भी मदद ली जा रही है ताकि जल्द से जल्द लापता लोगों का पता लगाया जा सके। 
 

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