होटल में ट्रेनिंग, हाथ में जॉइनिंग लेटर... TV अभियान के नाम पर बेरोजगारों से लूटे करोड़ों, दफ्तर पर ताला और ठग फरार

Edited By Anil Kapoor,Updated: 09 Apr, 2026 12:43 PM

lucknow job scam 150 youths duped of rs 1 crore by promising government project

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बेरोजगारी का फायदा उठाकर ठगी करने वाला एक बड़ा गिरोह बेनकाब हुआ है। हेल्थ डिपार्टमेंट और टीबी जागरूकता अभियान का फर्जी नाम इस्तेमाल कर जालसाजों ने करीब 150 युवक-युवतियों से एक करोड़ रुपए से अधिक...

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बेरोजगारी का फायदा उठाकर ठगी करने वाला एक बड़ा गिरोह बेनकाब हुआ है। हेल्थ डिपार्टमेंट और टीबी जागरूकता अभियान का फर्जी नाम इस्तेमाल कर जालसाजों ने करीब 150 युवक-युवतियों से एक करोड़ रुपए से अधिक की रकम हड़प ली। आरोपियों ने खुद को सरकारी प्रोजेक्ट से जुड़ा बताकर युवाओं को 90 हजार रुपए तक की सैलरी का सपना दिखाया था।

90 हजार सैलरी का लालच
जालसाजों ने बेक फाउंडेशन और जीवन पथ फाउंडेशन नामक 2 संस्थाएं बनाईं। उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें टीबी (TB) जागरूकता के लिए बड़े स्तर पर भर्ती का काम सौंपा है। नौकरी के लिए 31,500 रुपए से लेकर 90,000 रुपए तक के वेतन का वादा किया गया। गोरखपुर, देवरिया और महाराजगंज जैसे जिलों से आए युवाओं को यकीन दिलाने के लिए इस काम को सरकारी योजना बताया गया। जॉइनिंग और सिक्योरिटी के नाम पर हर उम्मीदवार से 90 हजार से लेकर 1.10 लाख रुपए तक वसूले गए।

होटल में हाई-टेक ट्रेनिंग और फर्जी नियुक्ति पत्र
धोखाधड़ी को असली दिखाने के लिए आरोपियों ने लखनऊ के महानगर स्थित एक नामी होटल में बाकायदा ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया। युवाओं को प्रेजेंटेशन दिखाए गए और फील्ड वर्क समझाया गया। ट्रेनिंग खत्म होते ही सभी को आकर्षक जॉइनिंग लेटर (Appointment Letters) बांट दिए गए। जब ये युवा ट्रेनिंग के बाद अपने जिलों में स्वास्थ्य विभाग के दफ्तर पहुंचे, तब अधिकारियों ने बताया कि ऐसा कोई प्रोजेक्ट अस्तित्व में ही नहीं है।

दफ्तर पर ताला, मोबाइल बंद
धोखाधड़ी का अहसास होते ही जब पीड़ितों ने विकासनगर स्थित इनके दफ्तर पर धावा बोला, तो वहां ताला लटका मिला। गिरोह के सभी सदस्यों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए और फरार हो गए। पीड़ितों में ज्यादातर वे युवा हैं जिन्होंने कर्ज लेकर या अपनी जीवन भर की कमाई लगाकर यह पैसे जमा किए थे।

पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ के विकासनगर थाने में तीन मुख्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष टीमें गठित की हैं और आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि संस्थाओं के बैंक खातों और कॉल रिकॉर्ड्स को खंगाला जा रहा है ताकि जल्द से जल्द गिरफ्तारियां हो सकें।

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