Edited By Anil Kapoor,Updated: 10 Apr, 2026 10:43 AM

Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में चल रहे किडनी ट्रांसप्लांट सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस का शिकंजा और कसता जा रहा है। फर्जी डॉक्टरों के इस खूनी गिरोह की तलाश में पुलिस अब उनके घरों की कुर्की करने की तैयारी में है। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने...
Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में चल रहे किडनी ट्रांसप्लांट सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस का शिकंजा और कसता जा रहा है। फर्जी डॉक्टरों के इस खूनी गिरोह की तलाश में पुलिस अब उनके घरों की कुर्की करने की तैयारी में है। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने फरार चल रहे 3 फर्जी डॉक्टरों—अली, अफजल और रोहित पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है।
60 लाख की किडनी और 10 लाख का डोनर: ऐसे चलता था खेल
जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह इंसानी अंगों की दलाली का एक बहुत बड़ा नेटवर्क चला रहा था। ये जालसाज गरीब डोनर्स को बहला-फुसलाकर लाते थे और उन्हें महज 8 से 10 लाख रुपए देते थे। इसके बदले, जरूरतमंद मरीजों (रिसीवर) से किडनी के नाम पर 60 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपए तक वसूले जाते थे। इस गिरोह का सरगना शिवम अग्रवाल खुद को डॉक्टर बताकर लोगों को फंसाता था। पुलिस अब तक इस मामले में 5 डॉक्टरों समेत 9 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
WhatsApp ग्रुप में मिले 500 नंबर, लिवर ट्रांसप्लांट से भी जुड़े तार
पुलिस की जांच तब और भी चौकाने वाली हो गई जब एक संदिग्ध व्हाट्सऐप ग्रुप हाथ लगा। इस ग्रुप में 500 से ज्यादा मोबाइल नंबर मिले हैं, जो सीधे तौर पर डोनर प्रोवाइडर और सिंडिकेट से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस को शक है कि यह गिरोह सिर्फ किडनी ही नहीं, बल्कि लिवर ट्रांसप्लांट के काले कारोबार में भी लिप्त था।
2019 से फैला है जाल, अब हो रही है कुर्की की तैयारी
कानपुर में यह अवैध कारोबार नया नहीं है। जांच के दौरान साल 2019 का एक मामला भी सामने आया है, जहां एक महिला नौकरी के नाम पर इस गिरोह के चंगुल में फंसते-फंसते बची थी। पुलिस की कई टीमें लखनऊ, दिल्ली और अन्य शहरों में लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर आरोपी जल्द सरेंडर नहीं करते हैं, तो उनके घरों पर ढोल-नगाड़ों के साथ कुर्की (धारा 82/83) की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।