Edited By Anil Kapoor,Updated: 09 Apr, 2026 02:51 PM

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में अप्रैल के महीने में मौसम ने ऐसा करवट बदला है कि चिलचिलाती धूप की जगह अब बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। इस बेमौसम बदलाव ने जहां आम जनता को गर्मी से राहत दी है, वहीं अन्नदाताओं के लिए यह आफत बनकर...
Lucknow News: उत्तर प्रदेश में अप्रैल के महीने में मौसम ने ऐसा करवट बदला है कि चिलचिलाती धूप की जगह अब बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। इस बेमौसम बदलाव ने जहां आम जनता को गर्मी से राहत दी है, वहीं अन्नदाताओं के लिए यह आफत बनकर बरसा है। खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी सुनहरी गेहूं की फसलें बिछ गई हैं, जिससे किसानों के पूरे साल की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
खेतों में तबाही का मंजर, 40% तक नुकसान की आशंका
राजधानी लखनऊ के निगोहां समेत प्रदेश के दर्जनों जिलों में तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। ओलों की मार से गेहूं की बालियां जमीन पर गिर गई हैं। जिन किसानों ने फसल काट ली थी, उनके दाने बारिश में भीगने के कारण काले पड़ने का डर सता रहा है। खेतों में पानी भरने से कम्बाइन मशीनें और मजदूर काम नहीं कर पा रहे हैं। किसानों का अनुमान है कि इस बार पैदावार में 40 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।
सीएम योगी सख्त- 'कागजों पर नहीं, जमीन पर जाकर करें आकलन'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिगड़ते मौसम और किसानों के दर्द को देखते हुए तत्काल उच्चस्तरीय बैठक की और अधिकारियों को 'फील्ड' में उतरने के निर्देश दिए। सीएम ने सभी डीएम से नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अधिकारी दफ्तरों में बैठने के बजाय गांवों का दौरा करें। राजस्व और कृषि विभाग को बीमा कंपनियों के साथ मिलकर तुरंत सर्वे पूरा करने को कहा गया है ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा मिल सके।
जनहानि और पशुहानि पर सरकार का सहारा
यह आपदा केवल फसलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने मासूम जानें भी ली हैं। पिछले एक सप्ताह के आंकड़ों के अनुसार आकाशीय बिजली और भारी बारिश के कारण 20 लोगों की मौत हो चुकी है और 12 लोग घायल हैं। प्रदेश भर में 33 पशुओं की भी जान गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मृतक आश्रितों को सहायता राशि का वितरण शुरू कर दिया गया है। जिन लोगों के घर ढह गए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नए घर दिए जाएंगे।
हेल्पलाइन और अलर्ट मोड
सरकार ने कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। राहत आयुक्त कार्यालय को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में किसानों और आम नागरिकों की मदद की जा सके।