मथुरा में बड़ा हादसा: यमुना नदी में नौका पलटने से 10 लोगों की मौत, मृतकों के परिजनों को मिलेगी दो-दो लाख रुपये की सहायता

Edited By Pooja Gill,Updated: 11 Apr, 2026 08:56 AM

major accident in mathura 10 people died after a boat capsized

मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शुक्रवार को यमुना नदी में श्रद्धालुओं/पर्यटकों से भरी एक नौका के पलट जाने से 10 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य लापता हैं। राहत-बचाव कार्य...

मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शुक्रवार को यमुना नदी में श्रद्धालुओं/पर्यटकों से भरी एक नौका के पलट जाने से 10 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य लापता हैं। राहत-बचाव कार्य जारी है। मथुरा के जिलाधिकारी (डीएम) चंद्र प्रकाश सिंह ने इस हादसे में छह लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए बताया था कि सभी पर्यटक पंजाब के रहने वाले थे।  इसके बाद अधिकारियों ने कहा कि बचाव दल ने चार और लोगों के शव बरामद किये हैं, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। बताया जा रहा है कि नौका में दो दर्जन से अधिक पर्यटक सवार थे। 

पीएम मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना नदी में नाव पलटने की घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस हादसे में घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। मोदी ने हादसे में अपनों को खोने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है।" प्रधानमंत्री ने कहा, "मृतकों के परिजनों को पीएमएनआरएफ से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे।"



अस्पताल में भर्ती घायल
एक आधिकारिक सूची के अनुसार मृतकों की पहचान कविता रानी (49), चरनजीत (40), रिकेश गुलाटी, मधुर बहल, आशा रानी, पिंकी बहल (38), अंजू गुलाटी, ईशान कटारिया, मीनू बंसल और सपना हंस (55) के रूप में हुई। बयान में कहा गया कि आठ घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा नौका पर सवार रहे 14 लोगों की सामान्य स्थिति है। बयान में कहा गया है कि पांच लोग अब भी लापता है, जिनमें मानिक टंडन, पंकज मल्होत्रा, ऋषभ शर्मा, यश भल्ला और मोनिका के नाम शामिल हैं। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा, सेना की टीम लगभग 50 स्थानीय गोताखोरों के साथ मिलकर बचाव अभियान चला रही हैं।          

 'बोट दौड़ते ही लगने लगा था डर
अधिकारियों के मुताबिक गुलाब नामक एक स्थानीय गोताखोर ने बताया कि अब तक लगभग 15 लोगों को नदी से बाहर निकाला जा चुका है। प्रत्यक्षदर्शियों ने मीडिया को बताया कि तेज हवाओं के कारण नौका बीच नदी में तेजी से डगमगाने लगी और एक पुल से टकराकर वह पलट गई। जिलाधिकारी ने बताया कि दुर्घटना के समय नाव पर मौजूद लोगों की कुल संख्या का पता नहीं चल पाया है लेकिन उनके साथ गये लोगों का कहना है कि पांच लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश में पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा, सेना तथा स्थानीय गोताखोर आदि जुटे हुए हैं।         


 

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