Edited By Anil Kapoor,Updated: 08 Apr, 2026 09:13 AM

UP Weather Alert: उत्तर प्रदेश और राजस्थान में मौसम के मिजाज ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को हुई भारी बारिश ने जहां शहरों में गर्मी से राहत दी, वहीं ग्रामीण इलाकों में किसानों के माथे पर बल ला दिए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अब...
UP Weather Alert: उत्तर प्रदेश और राजस्थान में मौसम के मिजाज ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को हुई भारी बारिश ने जहां शहरों में गर्मी से राहत दी, वहीं ग्रामीण इलाकों में किसानों के माथे पर बल ला दिए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अब अगले 48 घंटों के लिए यूपी के कई हिस्सों में Orange Alert जारी करते हुए भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है।
यूपी में 60 किमी की रफ्तार से आएगा तूफान
मौसम विभाग के अनुसार, 8 और 9 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के आसमान में काले बादल छाए रहेंगे। 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की संभावना है। कई जिलों में आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने और ओले पड़ने की आशंका जताई गई है। इन जिलों में सबसे ज्यादा असर: पश्चिमी यूपी के जिलों—आगरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, नोएडा (गौतमबुद्ध नगर), बागपत, हापुड़ और सहारनपुर में भारी बारिश का अनुमान है। इसके साथ ही अवध और पूर्वी यूपी में भी मौसम बिगड़ सकता है।
किसानों की मेहनत पर संकट
अप्रैल का यह महीना रबी फसलों, खासकर गेहूं की कटाई का समय होता है। खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी है। ऐसे में तेज हवा और ओलावृष्टि फसलों को जमीन पर बिछा सकती है, जिससे दाने काले पड़ सकते हैं या फसल सड़ सकती है। किसानों का कहना है कि लागत पहले ही बढ़ चुकी है, अब प्राकृतिक आपदा उनकी पूरी साल की कमाई छीन सकती है।
राजस्थान का भी बुरा हाल: फलोदी में रिकॉर्ड बारिश
पड़ोसी राज्य राजस्थान में भी 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' (पश्चिमी विक्षोभ) का तगड़ा असर दिख रहा है। पिछले 24 घंटों में फलोदी में सबसे अधिक 42.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। नागौर और टोंक में ओले गिरने से मंडियों में काम रोक दिया गया है। 10 अप्रैल से मौसम साफ होने की उम्मीद है, जिसके बाद पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।
सावधानी की अपील
मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें। किसान भाइयों को सलाह दी गई है कि यदि संभव हो तो कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें।