Edited By Anil Kapoor,Updated: 09 Apr, 2026 07:20 AM

Lucknow News: ज्योतिष पीठ के Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand Saraswati को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद धार्मिक जगत में तनाव का माहौल है। जानकारी के अनुसार, उनके आधिकारिक मोबाइल नंबर पर लगातार धमकी भरे संदेश भेजे जा रहे हैं, जिससे उनकी...
Lucknow News: ज्योतिष पीठ के Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand Saraswati को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद धार्मिक जगत में तनाव का माहौल है। जानकारी के अनुसार, उनके आधिकारिक मोबाइल नंबर पर लगातार धमकी भरे संदेश भेजे जा रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
धमकी का पूरा घटनाक्रम
शंकराचार्य के कार्यालय द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, धमकियों का सिलसिला 1 अप्रैल 2026 से शुरू हुआ। 1 अप्रैल को दोपहर के समय शंकराचार्य के नंबर पर कई मैसेज आए। इन संदेशों में अपराधी ने बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें Atiq Ahmed की तरह सरेआम हत्या करने की धमकी दी। जब उस नंबर को ब्लॉक कर दिया गया, तो आरोपी ने हार नहीं मानी। 6 अप्रैल को एक बार फिर संपर्क करने की कोशिश की गई। इस बार दोपहर 1:55 बजे और 1:57 बजे दो वॉइस नोट (ऑडियो मैसेज) भेजे गए, जिनमें फिर से जान से मारने की बात दोहराई गई।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
स्वामी प्रत्यक्चैतन्य मुकुन्दानन्द गिरि ने इस मामले की पुष्टि करते हुए इसे एक गहरी साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि देश के इतने बड़े धर्मगुरु को इस तरह की धमकी मिलना गंभीर चिंता का विषय है। हम इस मामले को हल्के में नहीं ले रहे हैं। जल्द ही शंकराचार्य जी के अधिवक्ताओं (Advocates) के माध्यम से पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी और विधिक कार्रवाई (Legal Action) सुनिश्चित की जाएगी।
विवादों का पिछला घटनाक्रम
यह धमकी ऐसे समय में आई है जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पहले से ही कानूनी विवादों का सामना कर रहे हैं। प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या के दौरान शंकराचार्य और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। जिसके बाद जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य और उनके सहयोगियों पर बच्चों के यौन शोषण (Child Abuse) जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।वहीं इस मामले में 8 फरवरी को पॉक्सो कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। बच्चों के बयान दर्ज होने के बाद 21 फरवरी को झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई, जिसमें शंकराचार्य और मुकुन्दानन्द को आरोपी बनाया गया। अब वर्तमान में Allahabad High Court ने इस मामले में शंकराचार्य को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उनकी Anticipatory Bail (अग्रिम जमानत) मंजूर करते हुए निर्देश दिया है कि चार्जशीट दाखिल होने तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
ताजा धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुलिस कॉल डिटेल्स और मैसेज के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश कर रही है। धार्मिक संगठनों ने सरकार से शंकराचार्य की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।