Edited By Anil Kapoor,Updated: 08 Apr, 2026 10:36 AM

Bareilly News: गुरुग्राम से अगवा किए गए एक ऑटो चालक और उसके 2 मासूम बच्चों को बरेली पुलिस और हरियाणा पुलिस के एक संयुक्त ऑपरेशन में सुरक्षित बचा लिया गया है। इस पूरी घटना में कुदरत का इंसाफ तब देखने को मिला जब किडनैपरों की तेज रफ्तार गाड़ी एक...
Bareilly News: गुरुग्राम से अगवा किए गए एक ऑटो चालक और उसके 2 मासूम बच्चों को बरेली पुलिस और हरियाणा पुलिस के एक संयुक्त ऑपरेशन में सुरक्षित बचा लिया गया है। इस पूरी घटना में कुदरत का इंसाफ तब देखने को मिला जब किडनैपरों की तेज रफ्तार गाड़ी एक टैंकर से टकरा गई, जिसमें मुख्य साजिशकर्ता समेत 3 बदमाशों की मौके पर ही मौत हो गई।
प्रेम प्रसंग और पुरानी रंजिश ने बुना साजिश का जाल
गुरुग्राम में ऑटो चलाने वाले मनोज की पत्नी पूजा ने बताया कि आरोपी मनमोहन उनके गांव का ही रहने वाला था। मनमोहन का मनोज की गोद ली हुई बेटी के साथ अफेयर था, जिसका मनोज लगातार विरोध कर रहा था। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए मनमोहन ने मनोज और उसके दो बेटों मयूर (6 साल) और लक्ष्य (3 साल) को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
ये भी पढ़ें:- सिस्टम के आगे हारा पिता का कलेजा: एक्सीडेंट के 12 दिन बाद कब्र से बाहर निकाला गया मासूम का शव, जानें क्या थी मजबूरी
सवारी बनकर आए और बना लिया बंधक
4 अप्रैल को बदमाश सवारी बनकर मनोज के ऑटो में बैठे और उसे एक सुनसान मंदिर के पास ले गए। वहां पहले से मौजूद एक काले रंग की बोलेरो में बदमाशों ने बच्चों को जबरन डाल लिया। बच्चों की जान का डर दिखाकर उन्होंने मनोज को भी बंधक बना लिया और आंखों पर पट्टी बांधकर उसे बरेली ले आए।
हादसे ने खोल दिया किडनैपिंग का राज
रविवार शाम बरेली बाईपास पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। किडनैपरों की बोलेरो एक तेल टैंकर से जा टकराई। इस हादसे में तीन किडनैपर मनमोहन, सिकंदर और विशेष की मौत हो गई। जब पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी की तलाशी ली, तो दंग रह गई। गाड़ी की डिग्गी में हाथ-पांव बंधे हुए दोनों मासूम बच्चे बेहोश मिले। पुलिस ने तुरंत गुरुग्राम पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद बच्चों की पहचान मयूर और लक्ष्य के रूप में हुई।
ये भी पढ़ें:- Weather Alert: UP में कुदरत का कहर! 8 और 9 अप्रैल को ऑरेंज अलर्ट, 60km की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, किसानों की बढ़ी धड़कनें
दो तालों के पीछे कैद था बेबस पिता
हादसे में घायल चौथे बदमाश प्रिंस से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उसने बताया कि बच्चों के पिता मनोज को फरीदपुर के एक घर में कैद करके रखा गया है। बरेली पुलिस ने फरीदपुर के टांडा सिकंदरपुर में छापेमारी की। वहां दो तालों के पीछे एक कमरे में बंद मनोज को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने इस मामले में आरोपी नत्थू को गिरफ्तार कर लिया है।
परिवार ने कहा- 'भगवान ने किया इंसाफ'
मौत के चंगुल से सही-सलामत वापस लौटे मनोज और उनके बच्चों को देख मां पूजा के आंसू थम नहीं रहे थे। परिवार ने बरेली और हरियाणा पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि बदमाशों की एक्सीडेंट में मौत ईश्वर का इंसाफ है, वरना वे उनके पूरे परिवार को खत्म कर देते।