Edited By Anil Kapoor,Updated: 10 Apr, 2026 02:42 PM

Mau News: बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे और मऊ से विधायक अब्बास अंसारी के लिए राहत भरी खबर आई है। हेट स्पीच (भड़काऊ भाषण) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अब्बास अंसारी की सजा पर रोक बरकरार रखी है। सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद अब्बास की विधानसभा...
Mau News: बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे और मऊ से विधायक अब्बास अंसारी के लिए राहत भरी खबर आई है। हेट स्पीच (भड़काऊ भाषण) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अब्बास अंसारी की सजा पर रोक बरकरार रखी है। सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद अब्बास की विधानसभा सदस्यता पूरी तरह सुरक्षित हो गई है और उनकी विधायकी पर फिलहाल कोई आंच नहीं आएगी।
क्या था पूरा मामला?
अब्बास अंसारी को भड़काऊ भाषण देने के एक मामले में निचली अदालत ने सजा सुनाई थी। नियम के मुताबिक, दो साल या उससे ज्यादा की सजा होने पर किसी भी विधायक की सदस्यता रद्द की जा सकती है। सजा के ऐलान के बाद अब्बास अंसारी की विधायकी जाने का खतरा पैदा हो गया था। हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाद में इस सजा पर रोक लगा दी थी, जिससे उनकी सदस्यता बच गई थी।
सुप्रीम कोर्ट में क्यों पहुंची यूपी सरकार?
उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सरकार की दलील थी कि हाईकोर्ट द्वारा सजा पर रोक लगाने का आदेश गलत है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। सरकार चाहती थी कि सजा बहाल हो ताकि अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
CJI की बेंच ने सुनाया फैसला
इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली पीठ ने की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने हाईकोर्ट के पुराने आदेश को ही प्रभावी माना, जिसका मतलब है कि अब्बास की सजा पर रोक जारी रहेगी।
विधायकी पर अब कोई खतरा नहीं
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने कानूनी स्थिति साफ कर दी है। सजा पर रोक बरकरार रहने का सीधा मतलब है कि अब्बास अंसारी मऊ से विधायक बने रहेंगे। उनके समर्थकों के लिए यह बड़ी जीत मानी जा रही है, क्योंकि अब उनकी सदस्यता छीनने का कानूनी रास्ता फिलहाल बंद हो गया है।