Edited By Anil Kapoor,Updated: 04 Feb, 2026 02:13 PM

Viral News: उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव एटा में 22 अक्टूबर 1971 को जन्मे नवनीत सिकेरा की कहानी प्रेरणादायक और रोमांचक दोनों है। उनके पिता एक साधारण किसान थे। बचपन में ही उन्होंने मेहनत और पढ़ाई की अहमियत......
Viral News: उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव एटा में 22 अक्टूबर 1971 को जन्मे नवनीत सिकेरा की कहानी प्रेरणादायक और रोमांचक दोनों है। उनके पिता एक साधारण किसान थे। बचपन में ही उन्होंने मेहनत और पढ़ाई की अहमियत को समझा।
शिक्षा और शुरुआती संघर्ष
नवनीत ने हिंदी मीडियम स्कूल से पढ़ाई पूरी की। बाद में दिल्ली के हंसराज कॉलेज में दाखिला लेने आए, लेकिन अंग्रेजी न आने की वजह से प्रवेश नहीं मिला। इस अनुभव ने उन्हें और मजबूत बना दिया। उन्होंने खुद पढ़ाई कर IIT जैसी परीक्षा पास की और पहले ही प्रयास में UPSC क्रैक कर आईपीएस अधिकारी बने।
पुलिस बनने की वजह
नवनीत के पिता की जमीन पर कुछ दबंगों ने कब्जा कर लिया। जब नवनीत अपने पिता के साथ थाने गए तो उनके पिता के साथ बदसलूकी हुई। इस घटना ने नवनीत के अंदर पुलिस बनने और कानून के लिए लड़ने का जज्बा पैदा कर दिया। उन्होंने एमटेक का प्लान छोड़कर सिविल सर्विसेज की तैयारी की और अपनी पहली पसंद पर काम करते हुए यूपीएससी पास कर लिया।
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट का सफर
नवनीत सिकेरा की पहली पोस्टिंग ASP के रूप में गोरखपुर में हुई। बाद में वे मुजफ्फरनगर, मेरठ और लखनऊ सहित पश्चिमी यूपी के कई जिलों में तैनात रहे। उनके सख्त कदम और अपराधियों के प्रति शून्य सहनशीलता की वजह से जहां भी उनकी पोस्टिंग होती, अपराधी वहां से भाग जाते।
किस्से और कारनामे
एक बार मेरठ में पोस्टिंग के दौरान उनके ट्रांसफर को रोकने के लिए लोगों ने पूरे शहर में पोस्टर लगवाए। उन्होंने अपराधियों को पकड़ने के लिए फेक बारात तक का सहारा लिया। दूल्हा-दुल्हन और बाराती नकली थे, लेकिन एनकाउंटर असली। उनके करियर में लगभग 60 बड़े अपराधियों को उन्होंने कानून के हवाले किया।
लोकप्रियता और फेम
नवनीत सिकेरा अपराधियों के लिए डर और खौफ के नाम थे, लेकिन आम जनता के लिए हमेशा मददगार और नरम स्वभाव के रहे। आज वे यूपी पुलिस में ADG पद पर हैं। उनके जीवन और कारनामों पर आधारित वेब सीरीज 'भौकाल-2' भी रिलीज हो चुकी है।