Edited By Anil Kapoor,Updated: 02 Mar, 2026 11:43 AM

Ayodhya News: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच गहराते सैन्य टकराव ने ना केवल वैश्विक शांति, बल्कि आम आदमी की जेब पर भी संकट के बादल मंडरा दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई बाधित होने की खबरों के बीच भारत में ईंधन की...
Ayodhya News: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच गहराते सैन्य टकराव ने ना केवल वैश्विक शांति, बल्कि आम आदमी की जेब पर भी संकट के बादल मंडरा दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई बाधित होने की खबरों के बीच भारत में ईंधन की कीमतें बढ़ने की प्रबल आशंका जताई जा रही है। रामनगरी अयोध्या में भी लोग इस संभावित महंगाई को लेकर खासे चिंतित नजर आ रहे हैं।
क्या फिर बढ़ेंगे दाम?
अयोध्या के मां जालपा पेट्रोल पंप के मैनेजर महेंद्र त्रिपाठी के अनुसार, वर्तमान में (2 मार्च 2026) पेट्रोल 95.05 रुपए और डीजल 88.23 रुपए प्रति लीटर के करीब बिक रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्ध की स्थिति का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ता है। चूंकि पेट्रोलियम कंपनियां अंतरराष्ट्रीय दरों के आधार पर कीमतें तय करती हैं, इसलिए यदि तनाव जारी रहा, तो कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
ट्रांसपोर्ट से थाली तक असर
ईंधन के दाम बढ़ने का मतलब केवल गाड़ी चलाना महंगा होना नहीं है। पेट्रोल पंप पर मौजूद स्थानीय निवासी शिवमूर्ति यादव और जितेंद्र सिंह ने अपनी चिंता साझा करते हुए कहा कि डीजल महंगा होते ही ट्रकों का किराया बढ़ेगा, जिससे फल, सब्जियां और अनाज महंगे हो जाएंगे। साबुन, तेल से लेकर हर जरूरी सामान की कीमतों में इजाफा होगा। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, ऐसे में युद्ध लंबा खिंचा तो यह एक बड़ा वैश्विक आर्थिक संकट बन सकता है।
युद्ध रुके तो थमेगी महंगाई
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि दुनिया के बड़े देशों को मिलकर इस युद्ध को रोकना चाहिए। पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए पेट्रोल-डीजल का महंगा होना कोढ़ में खाज जैसा साबित होगा। फिलहाल अयोध्या में कीमतें स्थिर हैं, लेकिन भविष्य की अनिश्चितता ने लोगों की नींद उड़ा दी है।