पहले टीचर ने छात्र को किया अंधा! अब गुनाह छिपाने के लिए स्कूल ने पहचानने से ही किया इनकार, क्या मिलेगा इंसाफ?

Edited By Anil Kapoor,Updated: 01 Mar, 2026 02:14 PM

student s retina ruptured by teacher s stick vision still hasn t returned even

Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली एक दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां वेव सिटी थाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल में टीचर की पिटाई से नौवीं कक्षा के छात्र की आंख की रोशनी चली गई। चौंकाने वाली बात यह है...

Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली एक दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां वेव सिटी थाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल में टीचर की पिटाई से नौवीं कक्षा के छात्र की आंख की रोशनी चली गई। चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के दो महीने बीत जाने के बाद भी मासूम को इंसाफ नहीं मिला है और स्कूल अब अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।

एक पेन उठाना पड़ा महंगा
पीड़ित छात्र वंश के पिता प्रवीण ने बताया कि यह घटना 20 दिसंबर की है। वंश क्लास में पढ़ाई कर रहा था, तभी उसका पेन जमीन पर गिर गया। जैसे ही वह पेन उठाने के लिए नीचे झुका, टीचर अर्चना ने उसे डंडे से मार दिया। डंडे का सिरा सीधे वंश की दाहिनी आंख में जा लगा, जिससे उसकी आंख का पर्दा फट गया और मौके पर ही खून बहने लगा।

लापरवाही की हद, डॉक्टर को दिखा कर भेज दिया घर
आरोप है कि स्कूल की प्रिंसिपल ने गंभीर चोट को नजरअंदाज करते हुए बच्चे को किसी स्थानीय झोलाछाप डॉक्टर को दिखाया और फिर उसे घर भेज दिया। जब वंश की हालत बिगड़ी, तो परिजनों ने उसे नोएडा के बड़े अस्पताल में दिखाया। डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि आंख के पर्दे में गहरा छेद हो गया है और उसकी रोशनी वापस आने की उम्मीद बहुत कम है।

दो महीने बाद FIR और स्कूल का अजीब दावा
काफी समय तक समझौते की कोशिशों के बाद, आखिरकार 27 फरवरी को टीचर, प्रिंसिपल और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इस बीच, स्कूल प्रबंधक सुकरम पाल ने बेहद चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि उनके स्कूल की मान्यता केवल 8वीं तक है, इसलिए 9वीं का छात्र उनके यहाँ पढ़ ही नहीं सकता। उन्होंने छात्र को अपना विद्यार्थी मानने से ही इनकार कर दिया है।

अधिकारियों का रुख
बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ओपी यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यदि मान्यता 8वीं तक होने के बावजूद वहां 9वीं की क्लास चल रही थी, तो यह अवैध है। इस मामले में स्कूल की मान्यता रद्द करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है।

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