Edited By Ramkesh,Updated: 24 Jan, 2026 08:49 PM

भारत–नेपाल की खुली सीमा एक बार फिर मानव तस्करी के आरोपों को लेकर सवालों के घेरे में है। एक निजी न्यूज़ चैनल की इन्वेस्टिगेशन में खुलासा हुआ है कि उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर और महराजगंज जिलों से सटी नेपाल सीमा के रास्ते नेपाली लड़कियों की तस्करी का...
लखनऊ: भारत–नेपाल की खुली सीमा एक बार फिर मानव तस्करी के आरोपों को लेकर सवालों के घेरे में है। एक निजी न्यूज़ चैनल की इन्वेस्टिगेशन में खुलासा हुआ है कि उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर और महराजगंज जिलों से सटी नेपाल सीमा के रास्ते नेपाली लड़कियों की तस्करी का संगठित नेटवर्क सक्रिय है। इस बॉर्डर के जरिए नेपाली युवतियों को भारत में लाकर सेक्स रैकेट गतिविधियों में धकेला जाता है।
इन सूचनाओं की पुष्टि के लिए टीम ने बढ़नी क्षेत्र में तीन दिन तक जांच की। इस दौरान तस्करी से जुड़े संभावित लोगों और दलालों की तलाश की गई। जांच के दौरान एक होटल संचालक पर शक हुआ, जिसके कथित तौर पर तस्करों से संपर्क थे। टीम ने उससे विश्वास कायम किया।
तीन दिन बाद, जब होटल संचालक को यह यकीन हो गया कि टीम होटल व्यवसाय के लिए नेपाली लड़कियों की तलाश में है, तो उसने कथित दलाल वरुण सिंह से मिलवाया। बातचीत के दौरान वरुण सिंह ने नेपाली लड़कियों की कीमत, उन्हें भारत लाने के तरीकों और कथित तौर पर देह व्यापार के नेटवर्क को संचालित करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। इस इन्वेस्टिगेशन ने भारत–नेपाल सीमा पर मानव तस्करी की गंभीर सच्चाई को उजागर किया है और सीमा सुरक्षा, स्थानीय नेटवर्क व दोनों देशों में सक्रिय तस्करों की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।