BJP मंडल अध्यक्ष के उत्पीड़न से पलायन को मजबूर हुए ग्रामीण... मकान बिकाऊ है के लगाए पोस्टर

Edited By Umakant yadav, Updated: 27 Aug, 2021 11:08 AM

villagers forced to flee due to harassment of bjp mandal president

उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबाद में गरीबों और असहाय लोगों का पलायन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। अब बीजेपी वाले ही गरीबों का उत्पीड़न कर रहे हैं और पुलिस उनका सहयोग कर रही है। फर्रूखाबाद चुनावी रंजिश व वर्चस्व की लड़ाई में भाजपा मंडल अध्यक्ष व पुलिस...

फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबाद में गरीबों और असहाय लोगों का पलायन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। अब बीजेपी वाले ही गरीबों का उत्पीड़न कर रहे हैं और पुलिस उनका सहयोग कर रही है। फर्रूखाबाद चुनावी रंजिश व वर्चस्व की लड़ाई में भाजपा मंडल अध्यक्ष व पुलिस की मिलीभगत के चलते लगातार उत्पीड़ित हो रहे ग्रामीण पलायन करने को मजबूर है। पीड़ितों ने अपने घर के बाहर दीवाल पर पोस्टर लगाएं है कि वह भाजपा मंडल अध्यक्ष के उत्पीड़न से परेशान होने के कारण गांव से पलायन करने को मजबूर है इसलियें ये मकान बिकाऊ है। एक कहावत है सैंया भए कोतवाल अब डर काहे का यह कहावत कंपिल बिल्हा गांव पर सही चरितार्थ हो रही है।

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थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कमलाईपुर के मजरा बिल्हा निवासी पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह चौहान एवं भाजपा मण्डल अध्यक्ष सत्यवर्धन सिंह के मध्य चुनावी रंजिश के चलते छत्तीस का आंकड़ा रहता था। करीब दो वर्ष पूर्व सत्यवर्धन सिंह को भाजपा मंडल अध्यक्ष चुना गया। सत्ता की हनक में उसने थाना कर्मियों से व्यवहार बनाकर राजेन्द्र सिंह पक्ष के लोगों पर अत्याचार शुरू करवाकर अपनी खुन्नस निकालनी शुरू की। करीब एक वर्ष पहले राजेन्द्र पक्ष के चार लोगों पर हत्या का प्रयास का मुकदमा लगवा दिया गया जिसकी विवेचना चल रही है। मंडल अध्यक्ष ने विगत एक सप्ताह पूर्व थाना पुलिस से सांठगांठ कर पूर्व प्रधान पक्ष के धर्मेंद्र सिंह का ट्रैक्टर चोरी होने के आरोप में उठवा कर थाने में खड़ा करवा दिया। पीड़ित ने थाने जाकर ट्रैक्टर के सभी कागज दिखाकर छोड़ने की गुहार लगाई तो थानाध्यक्ष ने गाली गलौच करके थाने से भगा दिया। इसके बाद पीड़ित ने उच्चाधिकारियों को कागजात दिखाकर थाना पुलिस की कार्यवाही से अवगत कराया।

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मामले को उच्चाधिकारियों द्वारा संज्ञान में लेने के कारण करीब पांच दिन बाद ट्रैक्टर छोड़ दिया गया। वहीं करीब चार दिन पूर्व विधवा सुनीता का 10 वर्षीय पुत्र इंद्रेश दुकान से कुछ सामान खरीदने घर से निकला तो सत्यवर्धन पक्ष के लोगों ने उसे पकड़कर पीट दिया और थाना पुलिस को नाबालिग व उसकी माँ के द्वारा मारपीट करने को झूठी शिकायत की। जिस पर पुलिस बच्चे को उठाकर थाने ले आयी और दो दिन तक हिरासत में रखकर छोड़ दिया। पुलिस उत्पीड़न से बच्चा काफी सहम गया। अब घर से बाहर निकलने तक से इंकार कर रहा है।
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इसके बाद थानाध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह ने सहकर्मियों के साथ बिल्हा गांव जाकर राजेन्द्र पक्ष की महिलाओं व बच्चों के साथ जमकर गाली गलौज किया और गांव छोड़ने को मजबूर करने की धमकी दी। थानाध्यक्ष व मंडल अध्यक्ष की सांठगांठ के चलते आये दिन पुलिसकर्मी राजेन्द्र पक्ष के लोगों के घरों पर देर रात दस्तक देकर गाली गलौज करते हैं। जिससे भयभीत राजेन्द्र सिंह पक्ष के श्रीनिवास सिंह, रामवीर सिंह, श्री कृष्ण सिंह जोगिंदर सिंह, सलकू, राधे सिंह, किशन कुमार, अवनीश सिंह, विधवा सुनीता सहित करीब एक दर्जन परिवार पलायन को मजबूर हैं। इन लोगों ने अपने अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाकर घर बेचने व गांव से पलायन करने की बात कही है। वहीं सीओ कायमगंज राजबीर सिंह गौर ने बताया है की जो आरोप लगा रहे हैं वह बेबुनियाद हैं गांव में कोई भी मकान विकाऊ के या पलायन के पोस्टर नहीं लगे है। 

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