Edited By Ramkesh,Updated: 25 Feb, 2026 07:48 PM

उत्तर प्रदेश की सियासत में ब्राह्मण वोट बैंक को लेकर खींचतान के बीच Mayawati ने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति का संकेत दे दिया है। बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) ने अगले साल होने वाले चुनाव के लिए अपना पहला प्रत्याशी घोषित कर दिया...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में ब्राह्मण वोट बैंक को लेकर खींचतान के बीच Mayawati ने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति का संकेत दे दिया है। बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) ने अगले साल होने वाले चुनाव के लिए अपना पहला प्रत्याशी घोषित कर दिया है। मायावती ने कानपुर निवासी आशीष पांडे को जालौन जिले की माधवगढ़ विधानसभा सीट का प्रभारी बनाया है। बसपा की परंपरा के मुताबिक, जिसे किसी सीट का प्रभारी बनाया जाता है, वही वहां से पार्टी का प्रत्याशी माना जाता है।
ब्राह्मण समीकरण पर फोकस
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की रणनीति का हिस्सा है। मायावती पहले भी ब्राह्मण-दलित सामाजिक समीकरण के सहारे सत्ता तक पहुंच चुकी हैं और एक बार फिर वही फार्मूला अपनाने की तैयारी में दिख रही हैं।
बसपा का गढ़ मानी जाती है माधवगढ़
जालौन की माधवगढ़ सीट को बसपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। ऐसे में यहां से ब्राह्मण चेहरे को आगे कर पार्टी ने स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है। गौरतलब है कि आशीष पांडे फिलहाल किसी भी पार्टी की ओर से घोषित किए गए यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के पहले प्रत्याशी हैं। सूत्रों के मुताबिक, होली के बाद मायावती कानपुर की पांच और विधानसभा सीटों पर प्रभारियों के नामों का ऐलान कर सकती हैं। इससे साफ है कि बसपा ने चुनावी तैयारी अभी से तेज कर दी है।