Edited By Pooja Gill,Updated: 24 Feb, 2026 02:57 PM

वाराणसी: ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के केस में अब एक बड़ा खुलासा हुआ है। उन पर आरोप लगाने वाले रमाशंकर दीक्षित अपनी पत्नी और तीन बेटियों के साथ वाराणसी स्थित...
वाराणसी: ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के केस में अब एक बड़ा खुलासा हुआ है। उन पर आरोप लगाने वाले रमाशंकर दीक्षित अपनी पत्नी और तीन बेटियों के साथ वाराणसी स्थित विद्या मठ आश्रम पहुंचे। उन्होंने शंकराचार्य से मुलाकात कर जो दावा किया, उसने पूरे घटनाक्रम को नया आयाम दे दिया। अपनी छोटी बच्ची के यौन शोषण के आरोप में फंसाने वाले व्यक्ति सोमवार को शंकराचार्य की शरण में आकर पूरी सच्चाई उजागर की।
'मुझे आरोप लगाने को कहा...'
शाहजहांपुर निवासी रमाशंकर दीक्षित ने शाम को केदारघाट स्थित श्री विद्या मठ में पहुंचकर पत्रकारों के समक्ष बताया कि हिस्ट्रीशीटर आशुतोष पाण्डेय ने अपने सहयोगी के माध्यम से फोन पर उनसे बात की और कहा, 'तुम शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप लगा दो कि उन्होंने हमारी छोटी बच्ची के साथ यौन शोषण किया था। हम तुम्हारी आर्थिक सहायता करेंगे।'
रमाशंकर दीक्षित ने बताई ये सच्चाई
रमाशंकर दीक्षित ने शंकराचार्य और पत्रकारों से कहा कि उनके पिताजी भी दंडी संन्यासी थे। इसलिए उन्होंने आशुतोष पाण्डेय को साफ मना कर दिया कि भगवान ने हमें जितना दिया है, उसमें हम संतुष्ट हैं। हम शंकराचार्य जी को झूठे आरोप में फंसाने का पाप नहीं कर सकते। उन्होंने इस पूरी घटना को एक सादे कागज पर लिखकर अपना हस्ताक्षर किया और शंकराचार्य जी को सौंप दिया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि सच ऐसे ही सामने आयेगा।