Edited By Ramkesh,Updated: 14 Jan, 2026 08:18 PM

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2023 पेपर लीक मामले में कथित मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा सहित 18 आरोपियों के खिलाफ लखनऊ की एक अदालत में पूरक आरोप पत्र दाखिल किया। यह आरोप पत्र लखनऊ स्थित धन शोधन निवारण...
लखनऊ: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2023 पेपर लीक मामले में कथित मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा सहित 18 आरोपियों के खिलाफ लखनऊ की एक अदालत में पूरक आरोप पत्र दाखिल किया। यह आरोप पत्र लखनऊ स्थित धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया।
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की यह जांच उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (यूपी एसटीएफ) की दर्ज शुरुआती प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। जांच के दौरान इस मामले से जुड़ी पांच अन्य प्राथमिकियों को भी इसमें शामिल किया गया। इनके अनुसार, आरोपियों ने उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2023 और उत्तर प्रदेश समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ/एआरओ) परीक्षा-2023 के प्रश्नपत्र लीक करने की साजिश रची थी।
आरोप है कि लीक हुए प्रश्नपत्रों को आर्थिक लाभ के लिए उम्मीदवारों को बेचा गया, ताकि वे परीक्षा से पहले उत्तर याद कर सकें। ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि आरओ/एआरओ परीक्षा के पेपर लीक से प्राप्त धन का कथित तौर पर बाद में होने वाली पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के पेपर लीक की व्यवस्था करने में उपयोग किया गया था। एजेंसी ने अब तक इस मामले में 1.02 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कुकर् किया है। इस मामले में पहला आरोप पत्र 10 जनवरी, 2025 को दाखिल किया गया था। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।