Edited By Moulshree Tripathi,Updated: 14 Aug, 2021 06:55 PM

आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में आगामी वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ती जा रही है। ऐसे में सभी दल
लखनऊः आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में आगामी वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ती जा रही है। ऐसे में सभी दल वादों की झड़ी लगाकर जनता को लुभाने में लगी हुई हैं। ब्राह्मण मुद्दा हों या अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण को सेंटर में रखना। इसी क्रम में योगी सरकार ओबीसी लिस्ट में 39 ऐसी जातियों को लेकर मंथन कर चुकी है जिन्हें सूची में शामिल किया जा सकता है।
बता दें कि यूपी पिछड़ा वर्ग आयोग ने सरकार को कई मानकों पर सर्वे करने के बाद अपनी सिफारिश सरकार को भेजी है। इसके बाद सरकार इसके लिए अपनी स्वीकृति दे देगी। वहीं आयोग ने जनसंख्या में राजनीतिक, आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक सहित करीब 3 दर्जन लोगों पर सर्वे कराया और उसके आधार पर अपनी रिपोर्ट पूरी की है। गौरतलब है कि यूपी में OBC लिस्ट में 79 जातियों को शामिल करने पर प्रतिवेदन दिया गया है, जिनमें से 39 जातियों को लेकर योगी सरकार ने सूची में शामिल करने का मंथन किया है।
आगे बता दें कि इन जातियों में भाट, अग्रहरि, रोहिल्ला, भाटिया, मुस्लिम, हिंदू कायस्थ, दोहर, दोसर वैश्य, केसरवानी, वैश्य और कायस्थ जातियां शामिल हैं। अभी तक राज्य पिछड़ा आयोग की सर्वे में 24 जातियों के बारे में सर्वे पूरा किया जा चुका है। वहीं ये आरक्षण जहां विधानसभा चुनाव से पहले का बीजेपी के लिए बहुत हद तक कारगर सिद्ध होगी तो इसे लेकर कांग्रेस, सपा व बसपा समेत अन्य दलों की सांसें फूल रही हैं।