UP के मदरसों पर CM योगी का बड़ा कदम! विदेशी फंडिंग की खुलेंगी परतें, अब हर लेन-देन की होगी सख्त जांच

Edited By Anil Kapoor,Updated: 02 Feb, 2026 08:04 AM

lucknow news cm yogi takes a major step regarding madrassas in up

Lucknow News: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी मदरसों के वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कराने का निर्णय लिया है। इस जांच का मकसद यह पता लगाना है कि मदरसों को मिलने वाली फंडिंग किन स्रोतों से आ रही है, खासकर विदेशी फंडिंग की स्थिति......

Lucknow News: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी मदरसों के वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कराने का निर्णय लिया है। इस जांच का मकसद यह पता लगाना है कि मदरसों को मिलने वाली फंडिंग किन स्रोतों से आ रही है, खासकर विदेशी फंडिंग की स्थिति क्या है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, जांच सिर्फ संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मदरसों के संचालकों के निजी बैंक खातों की भी जांच की जा सकती है। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि मदरसों के भवन निर्माण में कितना पैसा खर्च हुआ और उस धन का वास्तविक स्रोत क्या था। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि कहीं किसी अवैध या संदिग्ध स्रोत से पैसा तो नहीं आया।

एटीएस स्तर की एसआईटी कर रही जांच
जानकारी के मुताबिक विदेशी फंडिंग से जुड़े मामलों की जांच एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) स्तर की विशेष जांच टीम (SIT) को सौंपी गई है। राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दें। साथ ही जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को कहा गया है कि वे खुफिया इकाइयों से इनपुट लेकर मदरसों की फंडिंग से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें और निदेशालय को भेजें।

करीब 4000 मदरसे जांच के दायरे में
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में लगभग 4000 मदरसों में विदेशी फंडिंग होने की आशंका जताई जा रही है। कुछ मामलों में यह भी देखा गया है कि कई मदरसों के पास आय का स्पष्ट स्रोत नहीं दिखता, फिर भी वे बड़े और आधुनिक भवनों में संचालित हो रहे हैं। ऐसे संस्थानों को विशेष रूप से जांच के दायरे में रखा गया है।

सरकार का बयान
यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे एटीएस की जांच में पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यदि जांच एजेंसियों को किसी भी तरह की सहायता की आवश्यकता होगी, तो विभाग की ओर से हर संभव मदद दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना और किसी भी संदिग्ध फंडिंग पर रोक लगाना है। फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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