farrukhabad news: PAC जवान ने खुद को गोली मार दी जान, 28 पीएसी वाहिनी इटावा में था तैनात

Edited By Anil Kapoor,Updated: 29 Oct, 2023 02:34 PM

pac jawan shoots himself dead in farrukhabad

Farrukhabad News: उत्तर प्रदेश में फरुर्खाबाद जिले के मेरापुर थाना क्षेत्र में रविवार को संकिसा बौद्ध तीर्थ स्थल में ड्यूटी पर तैनात पीएसी के एक जवान ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस सूत्रों ने बताया कि फरुर्खाबाद जिला मुख्यालय से करीब 38...

Farrukhabad News: उत्तर प्रदेश में फरुर्खाबाद जिले के मेरापुर थाना क्षेत्र में रविवार को संकिसा बौद्ध तीर्थ स्थल में ड्यूटी पर तैनात पीएसी के एक जवान ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस सूत्रों ने बताया कि फरुर्खाबाद जिला मुख्यालय से करीब 38 किलोमीटर दूर, शरद पूर्णिमा के अवसर पर लंबे अंतराल से संकिसा बौद्ध तीर्थ स्थल के बौद्ध स्तूप परआयोजित होने वाले दो दिवसीय बौद्ध कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था में 28 पीएसी वाहिनी इटावा से भेजे गए पीएसी जवानों में से जवान सचिन कुमार (27)ने आज सुबह राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

पीएसी जवान ने की गोली मारकर आत्महत्या
मेरापुर थानाध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने बताया कि संकिसा बौद्ध तीर्थ स्थल पर बौद्धों के आयोजित होने वाले दो दिवसीय कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था में 28 पीएसी वाहिनी इटावा से आए पीएसी जवानों को, भदन्त विजय सोम इंटर कॉलेज में रोका गया था। पीएसी जवानों में से जनपद हाथरस के थाना मुरसान के ग्राम नगला धर्मा का निवासी सचिन कुमार के खुदकुशी करने की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक विकास कुमार व अपर पुलिस अधीक्षक डॉक्टर संजय सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जांच पड़ताल शुरू की।

मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमाटर्म के लिए भेजा
पुलिस द्वारा आत्महत्या करने वाले पीएसी जवान के पारिवारिक जनों को तत्काल सूचना भेजी गई और उनके आने की प्रतीक्षा की जा रही है। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भर कर पोस्टमाटर्म के लिए जिला अस्पताल फतेहगढ़ भेजने की अग्रिम कार्रवाई शुरू की गई। 

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3 साल से मुर्दाघर में पड़े महिला कंकाल का इलाहाबाद HC ने लिया संज्ञान, राज्य सरकार से पूछा- अभी तक क्यों नहीं हुआ अंतिम संस्कार?
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पिछले 3 वर्षों से इटावा के मुर्दाघर में पड़े एक महिला के कंकाल के मामले का स्वत: संज्ञान लिया है और राज्य सरकार को मामले पर विस्तृत जानकारी प्रदान करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति अजय भनोट की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि अखबार की रिपोर्ट से पता चलता है कि एक महिला के कंकाल के अवशेष पिछले तीन वर्षों से इटावा के मुर्दाघर में बंद हैं। शव की पहचान विवादित है। एक परिवार ने दावा किया है कि उक्त मृत महिला का शव उनकी लापता बेटी रीता का है।

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