Edited By Ramkesh,Updated: 24 Mar, 2026 08:00 PM

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को टिकट क्षेत्र में सुधारों की घोषणा करते हुए कहा कि ट्रेन के प्रस्थान करने के आठ घंटे पहले तक कंफर्म टिकट रद्द करने पर कोई पैसा वापस नहीं मिलेगा, जबकि वर्तमान में यह नियम चार घंटे का है। मंत्री ने बताया कि...
लखनऊ: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को टिकट क्षेत्र में सुधारों की घोषणा करते हुए कहा कि ट्रेन के प्रस्थान करने के आठ घंटे पहले तक कंफर्म टिकट रद्द करने पर कोई पैसा वापस नहीं मिलेगा, जबकि वर्तमान में यह नियम चार घंटे का है। मंत्री ने बताया कि पुनर्भुगतान का नया नियम इस साल एक से 15 अप्रैल के बीच लागू होगा। उन्होंने बताया कि टिकट रद्दीकरण के अन्य नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब ट्रेन के प्रस्थान करने से 24 घंटे से आठ घंटे पहले टिकट रद्द करने पर केवल 50 प्रतिशत राशि का पुनर्भुगतान किया जाएगा जबकि वर्तमान में यह अवधि 12 घंटे से चार घंटे है। इसी प्रकार, ट्रेन के प्रस्थान करने के समय से 72 से 24 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर टिकट की कुल राशि में से 25 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।
संशोधित नियमों के तहत ट्रेन के प्रस्थान से 72 घंटे से अधिक समय पहले किए गए टिकट रद्दीकरण पर प्रति यात्री एक निश्चित राशि काटने के बाद पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। वर्तमान नीति के तहत ट्रेन के प्रस्थान करने से 48 से 12 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर कुल राशि में 25 प्रतिशत की कटौती होती है, जबकि 48 घंटे से अधिक पहले किए गए रद्द करने पर पूरी राशि वापस कर दी जाती है।
वैष्णव ने कहा कि कालाबाजारी और एजेंटों द्वारा अंतिम समय में टिकट की बिक्री को हतोत्साहित करने के लिए पुनर्भुगतान नियमों में बदलाव किया जा रहा है। रेल मंत्री द्वारा मंगलवार को सभी रेलगाड़ियों के लिए घोषित किया गया नया पुनर्भुगतान नियम जनवरी के उत्तरार्ध में ही वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत-2 रेलगाड़ियों में लागू किया जा चुका है। रेल मंत्रालय ने सबसे पहले 16 जनवरी, 2026 को एक अधिसूचना के जरिये संशोधित नियमों की घोषणा की थी। इसमें रेलवे यात्री (टिकट रद्द करना और किराया वापसी) नियम, 2015 में संशोधन किया गया था।
वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्री अब ट्रेन के प्रस्थान से 30 मिनट पहले तक अपनी यात्रा श्रेणी को उच्च श्रेणी में बदल सकते हैं। पहले, यात्री ट्रेन की पहली चार्ट बनने से पहले अपनी यात्रा श्रेणी को उच्च श्रेणी में तब्दील कर सकते थे।
हालांकि, यह सुविधा ऑनलाइन टिकट लेने वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध नहीं होगी। वैष्णव ने बताया कि अब यात्री रेलगाड़ी में सवार होने के स्टेशन में बदलाव रेलगाड़ी के निर्धारित प्रस्थान से 30 मिनट पहले तक कर सकते हैं। वर्तमान में यह सुविधा पहला चार्ट तैयार होने के बाद मिलती है। हालांकि, यह सुविधा यात्रा की शुरुआत और गंतव्य के बीच के स्टेशन के बीच मिलेगी। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रेन में सवार होने वाले स्टेशन में बदलाव से टिकट की कीमत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।