इफ्तार के दस्तरख्वान से सरकार पर बड़ा सियासी हमला! नसीमुद्दीन सिद्दीकी बोले- महंगी खाद-खाली सिलेंडर ने जनता को खून के आंसू रुलाया

Edited By Purnima Singh,Updated: 17 Mar, 2026 02:13 PM

nasimuddin siddiqui statement

बाराबंकी की सियासत में सोमवार की शाम भाईचारे और सियासी वार-पलटवार के नाम रही। सिरौलीगौसपुर तहसील के मेलारायगंज गांव में पूर्व प्रधान एहफाज हुसैन उर्फ शिब्ली मियां द्वारा आयोजित रोजा इफ्तार कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के दिग्गजों का...

Barabanki News (अर्जुन सिंह) : बाराबंकी की सियासत में सोमवार की शाम भाईचारे और सियासी वार-पलटवार के नाम रही। सिरौलीगौसपुर तहसील के मेलारायगंज गांव में पूर्व प्रधान एहफाज हुसैन उर्फ शिब्ली मियां द्वारा आयोजित रोजा इफ्तार कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के दिग्गजों का जमावड़ा लगा। इस दौरान न केवल दस्तरख्वान पर आपसी एकता की इबारत लिखी गई, बल्कि मंच से विपक्ष ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर जमकर हमला बोला। पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने महंगाई और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखे तंज कसे और आगामी चुनाव से पहले विपक्ष की एकजुटता का अहसास कराया।

इफ्तार के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने किसानों के दर्द को प्रमुखता से रखा। उन्होंने खाद की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि किसान आज दोहरी मार झेल रहा है। सिद्दीकी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि कभी 50 किलो खाद की बोरी 450 रुपये के आसपास मिलती थी, लेकिन आज वजन घटाकर 40 किलो कर दिया गया और दाम बढ़ाकर 1400 रुपये तक पहुंचा दिए गए। उन्होंने जिले में जारी गैस सिलेंडर की किल्लत पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा कि उपभोक्ताओं को घंटों कतारों में खड़ा करना सरकार की विफलता का प्रमाण है।

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महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए पूर्व मंत्री ने सीतापुर, मेरठ और महोबा की हालिया घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज के हालात में बहु-बेटियां घर से बाहर सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं और कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह और पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप ने भी शिरकत की, जिससे इस धार्मिक आयोजन के गहरे सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त आम जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है।

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इस बड़े सियासी जमावड़े में पूर्व विधायक रामगोपाल रावत, ब्लॉक प्रमुख रेनू वर्मा, फैजान किदवई, मौलाना असलम और जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद अहमद शहंशाह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसके अलावा रेहान कामिल, महफूज अहमद, सैयद अर्शी, मोहसिन किदवई, विष्णु सोनी और राहुल शुक्ला जैसे स्थानीय नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया। इफ्तार के माध्यम से जहां एक ओर आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर भाजपा सरकार के खिलाफ विपक्षी खेमे की गोलबंदी भी साफ नजर आई।

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