Edited By Purnima Singh,Updated: 13 Mar, 2026 06:10 PM

ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध की तपिश अब बाराबंकी की सियासत में भी साफ देखी जा रही है। शुक्रवार को जिले के व्यस्ततम पटेल चौराहे पर आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और बढ़ती कीमतों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया।...
Barabanki News : ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध की तपिश अब बाराबंकी की सियासत में भी साफ देखी जा रही है। शुक्रवार को जिले के व्यस्ततम पटेल चौराहे पर आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और बढ़ती कीमतों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष जुगराज सिंह की अगुवाई में दर्जनों कार्यकर्ता हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर सड़क पर उतरे और केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नजारा बेहद अनोखा था जहाँ जिला अध्यक्ष खुद सिर पर भारी-भरकम गैस सिलेंडर रखे हुए थे और उनके गले में आलू की माला लटक रही थी। इस सांकेतिक विरोध प्रदर्शन को देखने के लिए चौराहे पर राहगीरों की भारी भीड़ जुट गई।
मीडिया से मुखातिब होते हुए आप जिला अध्यक्ष जुगराज सिंह ने सरकार के दावों की जमकर धज्जियां उड़ाईं। जब उनसे पूछा गया कि सरकार तो गैस की पर्याप्त उपलब्धता का दावा कर रही है तो उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि अगर गैस पर्याप्त है तो बुकिंग पोर्टल क्यों बंद हो रहे हैं और गोदामों के बाहर लंबी कतारें क्यों लगी हैं। जुगराज सिंह ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि भाजपा जिस अयोध्या धाम की दुहाई देती है वहां की 'राम रसोई' तक इस समय गैस संकट के कारण बंद पड़ी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मोदी सरकार ने स्पष्ट नीति लागू नहीं की तो आने वाले दिनों में डीजल और पेट्रोल के लिए भी जनता को ऐसे ही दर-दर भटकना पड़ेगा। 'आप' नेता ने मांग की कि सरकार जनता के मन में बैठे इस डर को दूर करे और आपूर्ति सुचारू बनाए।
प्रदर्शन के दौरान गले में आलू की माला पहनने के सवाल पर जुगराज सिंह ने किसानों की दुखती रग पर हाथ रखा। उन्होंने कहा कि आज बाराबंकी का किसान पूरी तरह बर्बाद हो चुका है, कोल्ड स्टोर से लेकर खेतों तक आलू पड़ा है लेकिन कोई व्यापारी उसे पूछने वाला नहीं है। किसान अपनी फसल बेचने के लिए दर-दर भटक रहा है लेकिन सरकार को उनकी सुध लेने की फुर्सत नहीं है। 'आम आदमी पार्टी' ने साफ कर दिया कि यदि गैस की किल्लत जल्द खत्म नहीं हुई और किसानों को आलू का सही दाम नहीं मिला तो यह आंदोलन जिला मुख्यालय से निकलकर आगे तक किया जाएगा।