Edited By Ramkesh,Updated: 08 Jan, 2026 02:25 PM

केजीएमयू (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) में महिला रेजिडेंट डॉक्टर से दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव बनाने के गंभीर मामले में फरार चल रहे आरोपी डॉक्टर रमीज़ मलिक के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने आरोपी के घरों पर कुर्की की...
लखनऊ: केजीएमयू (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) में महिला रेजिडेंट डॉक्टर से दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव बनाने के गंभीर मामले में फरार चल रहे आरोपी डॉक्टर रमीज़ मलिक के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने आरोपी के घरों पर कुर्की की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करते हुए नोटिस चस्पा किया है।
डॉक्टर के आवास पर कुर्की का नोटिस चस्पा
जानकारी के मुताबिक, पीलीभीत जनपद के न्यूरिया स्थित डॉक्टर रमीज़ मलिक के आवास पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया है। इसके साथ ही लखनऊ के हुसैनाबाद इलाके में स्थित उसके एक अन्य घर पर भी पुलिस ने कुर्की का नोटिस लगाया है। आरोपी डॉक्टर रमीज़ मलिक पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
जांच कमेटी ने दुष्कर्म का दोषी माना
सूत्रों के अनुसार, इस मामले की आंतरिक जांच कर रही केजीएमयू की विशाखा कमेटी ने डॉक्टर रमीज़ मलिक को दुष्कर्म का दोषी माना है। कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट कुलपति को सौंप दी है। रिपोर्ट में महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ यौन शोषण, जबरन गर्भपात कराने और आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देने के आरोप सही पाए गए हैं।
केजीएमयू की छवि को गहरा आघात
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर ने अपनी शादी की बात छिपाई थी और पीड़िता पर धर्मांतरण का दबाव बनाया। इन गंभीर आरोपों से केजीएमयू की छवि को गहरा आघात पहुंचा है। विश्वविद्यालय स्तर पर इस मामले को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
पुलिस बोली- आरोपी के खिलाफ होगी कानूनी कार्रवाई
सूत्रों का कहना है कि विशाखा कमेटी आरोपी डॉक्टर रमीज़ मलिक का एमडी पैथोलॉजी पाठ्यक्रम में दाखिला रद्द करने की सिफारिश कर सकती है। वहीं, पुलिस और प्रशासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि आरोपी के खिलाफ जल्द ही और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।