जबरन धर्म परिवर्तन और शोषण मामले में केजीएमयू के पूर्व डॉक्टर पर एक्शन, 250 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल

Edited By Ramkesh,Updated: 28 Feb, 2026 08:03 PM

action taken against a former kgmu doctor in a case of forced religious conversi

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में महिला चिकित्सक के कथित यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़े मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के पूर्व जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर समेत चार लोगों के खिलाफ पुलिस ने अदालत...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में महिला चिकित्सक के कथित यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़े मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के पूर्व जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर समेत चार लोगों के खिलाफ पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) विश्वजीत श्रीवास्तव के अनुसार, मुख्य आरोपी डॉ. रमीजुद्दीन नाइक उर्फ रमीज मलिक, उसके पिता सलीमुद्दीन, मां खदीजा और निकाह के गवाह शारिक खान के खिलाफ करीब 250 पन्नों का चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई है।

गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस के मुताबिक आरोपी डॉक्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के अलावा उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, 2021 की धारा 3 और 5 के तहत दुष्कर्म, आपराधिक धमकी और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही आरोपी के माता-पिता और अन्य सह-अभियुक्तों पर अपराध में सहायता करने, उकसाने और आरोपी को शरण देने के आरोप भी लगाए गए हैं।

मौलवी की भूमिका की जांच जारी
पुलिस ने बताया कि पीलीभीत के मौलवी सैयद जाहिद हसन, जिन्होंने कथित तौर पर निकाह कराया था, उन्हें अभी आरोपपत्र में नामजद नहीं किया गया है। उनकी भूमिका की जांच जारी है और सबूत मिलने पर उनके खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया जा सकता है।

 महिला डॉक्टर ने लगाए गंभीर आरोप
यह मामला केजीएमयू की एक महिला जूनियर डॉक्टर की शिकायत पर पिछले वर्ष दिसंबर में चौक थाने में दर्ज किया गया था। महिला चिकित्सक ने आरोप लगाया था कि आरोपी डॉक्टर ने अपनी वैवाहिक स्थिति छिपाकर शादी का झांसा दिया और उसके साथ यौन शोषण किया। इसके अलावा उसने महिला पर गर्भपात कराने और धर्म परिवर्तन करने का दबाव भी बनाया।

 डिजिटल सबूत भी शामिल
पुलिस के अनुसार चार्जशीट में कई गवाहों के बयान के साथ-साथ जांच के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन और लैपटॉप के डेटा का फोरेंसिक विश्लेषण भी शामिल किया गया है।

आरोपी पहले ही हो चुका है गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी डॉक्टर को 9 जनवरी को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था। वहीं उसके माता-पिता को पहले हिरासत में लेकर बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है और नए तथ्य सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



 

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