चित्रकूट में रानीपुर सेंच्युरी को रानीपुर टाइगर रिजर्व के रूप में विकसित करें: CM योगी

Edited By Mamta Yadav,Updated: 10 Jun, 2022 08:41 PM

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड में केन-बेतवा लिंक परियोजना के फलस्वरूप पन्ना टाइगर रिजर्व में जलभराव की स्थिति के मद्देनजर बाघों का सहज पड़ाव चित्रकूट की ओर होने की संभावना को देखते हुए रानीपुर सेंच्युरी को ‘रानीपुर टाइगर...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड में केन-बेतवा लिंक परियोजना के फलस्वरूप पन्ना टाइगर रिजर्व में जलभराव की स्थिति के मद्देनजर बाघों का सहज पड़ाव चित्रकूट की ओर होने की संभावना को देखते हुए रानीपुर सेंच्युरी को ‘रानीपुर टाइगर रिजर्व' के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये हैं।       

योगी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुयी उत्तर प्रदेश राज्य वन्य जीव बोडर् की 13वीं बैठक में उन्होंने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना के फलस्वरूप पन्ना टाइगर रिजर्व में जलभराव की स्थिति बनेगी, जिसके कारण बाघों का सहज मूवमेंट चित्रकूट की ओर होना स्वाभाविक है। उन्होंने प्रदेश के लिये इसे एक बेहतर अवसर बताते हुए कहा कि चित्रकूट जिले में स्थित रानीपुर सेंच्युरी को रानीपुर टाइगर रिजर्व के रूप में विकसित किया जाये। ऐसा होने पर रानीपुर टाइगर रिजर्व 630 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला प्रदेश का चौथा टाइगर रिजर्व होगा। योगी ने इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है। सरकार का दावा है कि नियोजित प्रयासों से प्रदेश में बाघों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2014 में कुल 117 बाघ थे, जो 2018 में बढ़कर 173 हो गये हैं। वर्तमान में इनकी संख्या 200 करीब होने की संभावना है।       

बैठक में उन्होंने लखनऊ जिले में स्थित कुकरैल क्षेत्र में नाइट सफारी और आधुनिक चिड़ियाघर विकासित करने को भी कहा। योगी ने कहा कि इस संबंध में वन्य जीव विभाग, नगर विकास, लोक निर्माण विभाग और आवास विभाग मिलकर बेहतर कार्ययोजना तैयार करें। यह नाइट सफारी और चिड़ियाघर पूरे देश के प्रकृति और वन्य जीव प्रेमियों के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में उपलब्ध होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ‘नमामि गंगे परियोजना' के माध्यम से अवरिल और निर्मल हो रहीं गंगा नदी में डॉल्फिन की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए प्रदेश में एक ‘डॉल्फिन पाकर्' की स्थापना के लिए कार्ययोजना तैयार को भी कहा। योगी ने ‘ईको टूरिज्म' की संभावनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ‘एक जिला-एक गंतव्य' (ओडीओडी) योजना के अंतर्गत हर जिले में अनुकूल गंतव्य स्थलों का चयन कर वहां पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत पर बल दिया।       

उन्होंने कहा कि पर्यटन, वन और वन्य जीव विभाग परस्पर समन्वय के इन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करायें। गौरतलब है कि अब तक 56 जिलों में ऐसे पर्यटन स्थल चयनित हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यथाशीघ्र शेष जनपदों में भी चयन का कार्य पूर्ण करने को कहा। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊर्जा देने वाली होगी। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि सतत प्रयासों से प्रदेश में ‘ग्रीन कवर' बढ़ा है। इसके मद्देनजर उन्होंने आगामी माह में ‘वन महोत्सव' के भव्य आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूरी करने के भी निर्देश दिये।       

इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में चार नये ‘वन्य जीव रेस्क्यू सेंटर' का शिलान्यास किया। ये रेस्क्यू सेंटर हस्तिनापुर (मेरठ वन प्रभाग), मधवलिया (महराजगंज), बहिलपुरवा (चित्रकूट वन प्रभाग) और गोपालपुर (पीलीभीत टाइगर रिजर्व) में स्थापित होंगे। रेस्क्यू सेंटर का निर्माण कार्य अगले 02 साल में पूरा करने को कहा।

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