UP के अस्पताल की शर्मनाक करतूत! पैसा न चुकाने पर 5 घंटे गिरवी रखी लाश, 25000 देने पर सौंपी, 1.14 लाख का बनाया बिल; बिकी 50 डिसमिल जमीन

Edited By Purnima Singh,Updated: 27 Nov, 2025 02:32 PM

dead body held hostage for five hours for non payment of money

गेट नंबर चार के पास स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान घायल युवक दिनेश कुशवाहा (27) की मौत के बाद परिजनों के साथ बेहद शर्मनाक व्यवहार हुआ। अस्पताल ने इलाज के नाम पर पहले 1.07 लाख रुपये वसूल किए, जबकि युवक की मौत के बाद अतिरिक्त 77 हजार...

झांसी: गेट नंबर चार के पास स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान घायल युवक दिनेश कुशवाहा (27) की मौत के बाद परिजनों के साथ बेहद शर्मनाक व्यवहार हुआ। अस्पताल ने इलाज के नाम पर पहले 1.07 लाख रुपये वसूल किए, जबकि युवक की मौत के बाद अतिरिक्त 77 हजार रुपये जमा करने की मांग की। परिजनों के पास पैसे न होने के कारण शव लेने के लिए कई घंटे संघर्ष करते रहे।

घटना के अनुसार, दिनेश 19 नवंबर को बाइक से बहन से मिलने अपने परौल स्थित गांव जा रहे थे। बरौदिया गांव में मिट्टी के ब्रेकर से उनकी बाइक असंतुलित होकर गिर गई और सिर में गंभीर चोट आई। हालत नाजुक होने पर उन्हें झांसी मेडिकल अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन एंबुलेंस चालक ने प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने की सलाह दी।

प्रारंभ में 37 हजार रुपये जमा कराए गए, बाद में 6 दिन में 60 हजार रुपये की दवाइयां मंगाई गई। मंगलवार शाम दिनेश की मौत हो गई। अस्पताल ने कुल बिल 1.14 लाख रुपये का बनाकर शेष 77 हजार रुपये की मांग की। परिजन के पास पैसा न होने के कारण अस्पताल ने शव देने से इनकार कर दिया। गांव से लोग पहुंचे और 25 हजार रुपये की मदद देने के बाद ही शव परिजनों को सौंपा गया। नवाबाद थाना प्रभारी जेपी पाल ने बताया कि अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।

परिवार का इकलौता कमाने वाला था मृतक 
परिजन बताते हैं कि दिनेश परिवार का इकलौता कमाने वाला था। इलाज के लिए घर की 50 डिसमिल जमीन भी बेचनी पड़ी। पत्नी मनीषा और दो छोटे बच्चे अब बिना सहारे रह गए हैं। परिवार का कहना है कि अस्पताल की लापरवाही और वसूली ने उनके जीवन पर गहरा संकट ला दिया।

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