Edited By Pooja Gill,Updated: 14 Dec, 2023 12:58 PM

UP News: उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित पोस्टमार्टम हाउस में विगत दिनों महिला के पोस्टमार्टम के पश्चात उसकी आंख गायब होने के मामले में थाना सिविल लाइंस पुलिस ने पोस्टमार्टम करने वाली टीम के दो प्रमुख डॉक्टरों को...
UP News: उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित पोस्टमार्टम हाउस में विगत दिनों महिला के पोस्टमार्टम के पश्चात उसकी आंख गायब होने के मामले में थाना सिविल लाइंस पुलिस ने पोस्टमार्टम करने वाली टीम के दो प्रमुख डॉक्टरों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों से पूछताछ कर उन्हें जेल भेज दिया गया। लेकिन, अब बदायूं पुलिस इन आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है। माना जा रहा है कि इस पूछताछ में कई राज खुल सकते है।

बता दें कि मुजरिया थाना क्षेत्र के ग्राम रसूला निवासी पूजा ने रविवार को फंदे से लटककर जान दे दी थी। सोमवार दोपहर उसके शव का पोस्टमार्टम कादरचौक सीएचसी के डॉ. मोहम्मद उवैस और जिला अस्पताल के क्षय रोग विभाग में तैनात डॉ. मोहम्मद आरिफ हुसैन के पैनल ने किया था। पोस्टमार्टम के बाद जब परिजन शव लेकर पहुंचे तो मृतका की आंखें नहीं थीं। मायके वालों ने पोस्टमार्टम के दौरान आंखें निकाले जाने का आरोप लगाकर डीएम को प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद दोबारा पोस्टमार्टम और जांच कराई गई। दूसरी बार की गई पीएम रिपोर्ट और जांच के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों चिकित्सकों की गिरफ्तारी मानव अंगों की चोरी की ओर ही इशारा कर रही है।

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों का रिमांड बना कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। जहां ट्रायल के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) मोहम्मद साजिद द्वारा दोनों डॉक्टरों को जिला कारागार भेजने के आदेश किये गए। पुलिस द्वारा दोनों डॉक्टरों को जिला कारागार के दाखिल कर दिया गया। मामले में आगे की कार्रवाई अभी जारी है। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेंगी। जांच टीम का कहना है कि आरोपियों को रिमांड पर लेने से कई राज खुल सकते है। मामले में चूहों की भूमिका नहीं लग रही। यह कुछ और ही बड़ा खेल हो सकता है। इसकी जांच की जाएगी।