शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थन में अखिलेश, बोले-  ‘भाजपा सत्ता और धन के सिवा किसी की भी सगी नहीं है’

Edited By Ramkesh,Updated: 20 Jan, 2026 06:40 PM

akhilesh in support of shankaracharya swami avimukteshwaranand saraswati

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रयागराज माघ मेले में अव्यवस्था और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुए घटनाक्रम का हवाला देते हुये आरोप लगाया कि भाजपा के 'महाभ्रष्ट राज' में मेले के नाम पर पचासों हजार रुपये की बड़ी...

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रयागराज माघ मेले में अव्यवस्था और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुए घटनाक्रम का हवाला देते हुये आरोप लगाया कि भाजपा के 'महाभ्रष्ट राज' में मेले के नाम पर पचासों हजार रुपये की बड़ी रकम कमीशन के रूप में गटकने का 'नया खेल' शुरू हो गया है। यादव ने एक्स पर कहा कि 'मेला महाभ्रष्टाचार' की कमीशनखोरी में भाजपाई गुट की मिलीभगत के कारण साधु-संतों को सम्मान नहीं मिल पा रहा है और मेले की अव्यवस्था पर बोलने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन‘कमीशनख़ोरी'के इस गोरखधंधे को बचाने के लिए 'आपत्तिजनक, अपमानजनक और हिंसक दुर्व्यवहार' कर रहा है। उन्होने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को कमिश्नर की जगह‘कमीशनर'नाम की नई पोस्ट बना देनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 'मेलाक्षेत्र के संजय का‘धृतराष्ट्र'कौन है', जिसे प्रत्यक्ष घटनाक्रम दिखाया-सुनाया जा रहा था।

गौरतलब है कि प्रयागराज में माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या पर संगम नोज पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे प्रशासन को व्यवस्था संभालने में कठिनाई हुई। इसी दौरान ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को भीड़ को देखते हुए आगे बढ़ने से रोक दिया गया था।

प्रशासन ने उनसे रथ से उतरकर पैदल चलने का आग्रह किया, लेकिन समर्थकों ने विरोध करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की। जिसके बाद पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की और हल्की झड़प की स्थिति बन गई। जिसके बाद अविमुक्तेश्वरानंद ने पुलिस पर संतो के साथ मारपीट का आरोप लगाया है।

 

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