बसपा विधायक के समर्थन में उतरे अखिलेश, कहा- ‘भाजपा का कोई होता है तो उसके यहां छापा नहीं पड़ता’

Edited By Ramkesh,Updated: 26 Feb, 2026 02:04 PM

akhilesh came out in support of the bsp mla saying  if someone from the bjp

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एकमात्र विधायक उमा शंकर सिंह के लखनऊ और बलिया स्थित आवासों पर बुधवार को आयकर विभाग ने छापेमारी की कार्रवाई की। इसके बाद प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई है। इस घटना को लेकर मायावती ने सरकार पर हमला बोला।

 लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एकमात्र विधायक उमा शंकर सिंह के लखनऊ और बलिया स्थित आवासों पर बुधवार को आयकर विभाग ने छापेमारी की कार्रवाई की। इसके बाद प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई है। इस घटना को लेकर मायावती ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने इस घटना को राजनीति से प्रेरित बताया। इसके बाद अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई को गलत करार दिया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से उन्नाव में जब संवाददाताओं ने बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के घर पड़े आयकर छापे के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा,''उनके यहां (उमाशंकर) छापा इसलिये पड़ा है क्योंकि कुछ लोग (:संभवत उनका इशारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर था): जापान गये हैं। अगर वे जापान न गये होते तो शायद यह छापा न पड़ा होता । पुलिस को पता लग जाता और पुलिस लीक कर देती ।

 यादव ने मजाकिया अंदाज में कहा,'' सरकार के लोग जापान चले गये, इसलिये छापा पड़ गया ।'' उन्होंने कहा,''सवाल यह नहीं है कि बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर के यहां छापा पड़ा है । भाजपा का कोई होता है तो उसके यहां छापा नहीं पड़ता । भाजपा को खुश कर दो, कभी छापा नहीं पड़ेगा ।'' उन्होंने कहा कि भाजपा किसी की सगी नहीं है।

विपरीत हालातों में ‘अवसर’ तलाश रही बीजेपी
उन्होंने एक्स पर लम्बा चौडा पोस्टकर कहा कि भाजपा के छापे लोगों के कमाये गये पैसों को लूटने का काम करते हैं। भाजपाई जहां भी देखते हैं कि कहीं धन-दौलत जमा होने की संभावना हो सकती है, वहाँ अपनी एजेंसियां लेकर पहुंच जाते हैं। भाजपाई हृदयहीन हैं, इसीलिए संवेदनहीन भी हैं। भाजपाई यह भी नहीं देखते हैं कि कोई व्यक्ति किसी अति गंभीर बीमारी से जूझ रहा है या किसी और परेशानी या दिक़्क़त का सामना कर रहा है। इसके विपरीत धन के लालची भाजपाई ऐसी ‘आपदा’ से जूझ रहे व्यक्ति के विपरीत हालातों में ‘अवसर’ तलाश लेते हैं और जब व्यक्ति अपने सबसे मुश्किल दौर में होता है, तब ही उसे टारगेट करते हैं, जिससे वो कोई विरोध-प्रतिरोध न कर पाये और ये उसका धन-मान सब लूट सकें। 

ये पैसे बटोरने में लग गये हैं
भाजपाइयों के लिए बहन-बेटी का मान भी कुछ नहीं है। भाजपाई पीड़ित को उत्पीड़ित करने का कुकृत्य करते हैं। सच तो ये है कि 2047 की बात करनेवाले जानते हैं कि उनका 2027 भी पार नहीं होगा। लखनऊ हो या दिल्ली कोई भी सत्ताइस के पार नहीं जाएगा, इसीलिए ये पैसे बटोरने में लग गये हैं। अब तो भाजपाई भी हमारी बात दोहरा रहे हैं कि ‘भाजपा किसी की भी सगी नहीं है!’ अब तो भाजपा के परंपरागत वोटर भी भाजपा से छिटक गये हैं। पूज्य शंकराचार्य जी के अपमान और उनके विरुद्ध घिनौनी साज़िश करने के कारण धर्मरत समाज भाजपा के ख़िलाफ़ खड़ा हो गया है, कारोबारी समाज जीएसटी, भ्रष्टाचार और बेतहाशा उगाही के कारण भाजपा से विमुख हो गया है और आज तो सत्ता सजातीय समाज भी इस घृणित छापे के बाद पूरी तरह भाजपा को नकार रहा है।

भाजपावाले लोगों पर दुख झूठे मुक़दमे लगवाते हैं,
किसी के गंभीर हालातों में डाला गया ये छापा किसी भी दृष्टि से जायज़ नहीं ठहराया जा सकता है। इसके पीछे दिल्ली के षड्यंत्र का एक न एक दिन पर्दाफाश होकर रहेगा। भाजपावाले लोगों को दुख देने के लिए कभी झूठे मुक़दमे लगवाते हैं, कभी संकट के समय जानबूझकर छापे पड़वाते हैं। कल ये दर्द विपक्ष के लोगों ने झेला था, आज भाजपा के अंदर ही लोग इसका शिकार हो रहे हैं। आज भाजपा के लोगों को पता चल रहा है कि जिनकी प्रवृत्ति  डसने-काटने की होती है, ऐसे ‘दंश-डंक’ वालों को पालने-पोसने का हश्र होता क्या होता है, उसके दुष्परिणाम क्या होते हैं।

भाजपा के कट्टर समर्थक भी इस कार्रवाई की निंदा कर रहे हैं 
पहले से शारीरिक रूप बेहद कमज़ोर हो चुके व्यक्ति का ऐसी घटनाओं से गहरा मानसिक उत्पीड़न होता है, जो आघात-अपघात का कारण बनता है, ऐसे में अगर कुछ भी अप्रिय घटित होता है तो इसके दोषी भाजपाई होंगे। स्थानीय स्तर पर भी भाजपा के कट्टर समर्थक तक, इस छापे की निंदा कर रहे हैं और समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं। 

संवेदनहीनता की सभी सीमाएं लांघ दी भाजपा
ये एक बेहद शर्मनाक, निंदनीय और अक्षम्य कुकृत्य है। पीड़ित परिवार के साथ हमारी गहरी सहानुभूति है, संकट के इन क्षणों में हम किसी भी तरह की सहायता-मदद करने के लिए तत्पर हैं। हम पीड़ित-परिवार की हर अपेक्षा पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे क्योंकि परिवारवाले ही परिवारवालों का दुख-दर्द समझ सकते हैं। भाजपा ने संवेदनहीनता की सभी सीमाएं लांघ दी हैं, यही उसके अंत का परिचायक है। सत्ता के मद में डूबे भाजपाइयों के इस घोर अनैतिक व बेहद गिरे हुए कुकृत्य को देखकर, आज तो रावण भी दसों सिर झुकाकर कहीं पाताल में खड़ा होगा।

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