Edited By Ramkesh,Updated: 01 Apr, 2026 02:36 PM

उत्तर प्रदेश के गोंडा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां ड्यूटी के दौरान एक जीआरपी सिपाही ने बहादुरी दिखाते हुए भाग रहे आरोपी को पकड़ तो लिया, लेकिन इस दौरान वह खुद गंभीर हादसे का शिकार हो गया।
गोंडा (ओम चन्द शर्मा ): उत्तर प्रदेश के गोंडा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां ड्यूटी के दौरान एक जीआरपी सिपाही ने बहादुरी दिखाते हुए भाग रहे आरोपी को पकड़ तो लिया, लेकिन इस दौरान वह खुद गंभीर हादसे का शिकार हो गया।
जानकारी के अनुसार, जीआरपी में तैनात सिपाही आकाश सिंह (29) प्लेटफॉर्म पर हो रहे विवाद को शांत कराने पहुंचे थे। दो युवकों के बीच मारपीट की सूचना पर उन्होंने हस्तक्षेप करते हुए दोनों को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए थाने के बाहर लाया। प्रारंभिक जांच के बाद एक युवक को छोड़ दिया गया, जबकि दूसरे युवक सुनील कुमार को संदेह के आधार पर रोका गया।
इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर लखनऊ की ओर जा रही डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस पहुंची। मौके का फायदा उठाकर आरोपी सुनील कुमार अचानक सिपाही की पकड़ से छूटकर चलती ट्रेन में चढ़कर भागने लगा। सिपाही आकाश सिंह ने बिना समय गंवाए उसका पीछा किया और ट्रेन में चढ़ रहे आरोपी को पीछे से पकड़कर खींच लिया। लेकिन इस दौरान संतुलन बिगड़ने से वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच बने गैप में गिर गए, जिससे उनके दोनों पैर गंभीर रूप से कट गए।
हादसे के बावजूद सिपाही ने हिम्मत नहीं हारी और आरोपी को पकड़कर छोड़ने नहीं दिया। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे अन्य पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने आरोपी को काबू में कर लिया। घायल सिपाही को तुरंत गोंडा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, चोट इतनी गंभीर है कि उनके पैर को दोबारा जोड़ पाना मुश्किल है।
घायल सिपाही आकाश सिंह मऊ जिले के निवासी हैं और वर्ष 2018 बैच के जवान हैं। वह कई वर्षों से गोंडा जीआरपी में तैनात हैं। घटना के बाद उनके परिवार के सदस्य भी लखनऊ पहुंच गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने सिपाही की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कर्तव्य निभाने में अदम्य साहस का परिचय दिया है। वहीं पूरे मामले की जांच जारी है।