'90 रुपये वाला पौआ 75 में और 75 वाला 55 में', UP में पियक्कड़ों की लगी मौज! जानें इतने कम दाम में क्यों बिक रही शराब?

Edited By Purnima Singh,Updated: 11 Mar, 2026 04:59 PM

uproar over liquor policy in bijnor

यूपी के बिजनौर जिले में देसी शराब की अल्कोहल डिग्री को लेकर लिए गए प्रशासनिक फैसले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। जिला स्तर पर लिए गए एक आदेश के बाद कई दुकानों पर 36 प्रतिशत अल्कोहल वाली देसी शराब की बिक्री रोक दी गई थी, जिससे दुकानदारों के पास बड़ी...

बिजनौर: यूपी के बिजनौर जिले में देसी शराब की अल्कोहल डिग्री को लेकर लिए गए प्रशासनिक फैसले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। जिला स्तर पर लिए गए एक आदेश के बाद कई दुकानों पर 36 प्रतिशत अल्कोहल वाली देसी शराब की बिक्री रोक दी गई थी, जिससे दुकानदारों के पास बड़ी मात्रा में स्टॉक जमा हो गया। मामला जब सरकार तक पहुंचा तो आदेश वापस लेना पड़ा, लेकिन तब तक व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।

बार-बार बदले फैसलों से बढ़ी परेशानी
जानकारी के अनुसार, पिछले साल अप्रैल में जिले में 42.8 प्रतिशत अल्कोहल वाली देसी शराब की बिक्री शुरू की गई थी। बाद में ग्राहकों और दुकानदारों की मांग पर अगस्त से 36 प्रतिशत डिग्री वाली शराब को भी बिक्री की अनुमति दे दी गई।

हालांकि इसी वर्ष 27 जनवरी को जिला आबकारी अधिकारी ने नया आदेश जारी कर 36 प्रतिशत डिग्री वाली शराब की बिक्री पर रोक लगा दी और केवल 42.8 प्रतिशत अल्कोहल वाली शराब बेचने की अनुमति दी। इस फैसले से दुकानदारों के पास पुराना स्टॉक फंस गया और बाजार में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई।

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मंत्री के संज्ञान में पहुंचा मामला
मामला राज्य सरकार तक पहुंचने के बाद Nitin Agarwal ने विभागीय समीक्षा बैठक में इस पर नाराजगी जताई। उन्होंने इसे शराब कारोबार से जुड़े लोगों के लिए नुकसानदेह निर्णय बताते हुए जिला आबकारी अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश दिए। साथ ही राजस्व वसूली कम होने पर स्पष्टीकरण भी मांगा गया। इसके बाद जिले में 36 प्रतिशत अल्कोहल वाली देसी शराब की बिक्री को दोबारा अनुमति दे दी गई।

बिक्री में आई भारी गिरावट
बिजनौर जिले में देसी शराब की करीब 206 दुकानें संचालित होती हैं। व्यापारियों का कहना है कि नीतियों में लगातार बदलाव के कारण इस साल बिक्री में लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। कई दुकानदारों का कोटा पूरा नहीं बिक पाया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

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लाइसेंस नवीनीकरण से पीछे हटे कई दुकानदार
बताया गया कि 46 दुकानदारों ने अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराने से इनकार कर दिया और दुकान छोड़ने का फैसला लिया। जिन दुकानों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ, वहां बचे हुए स्टॉक को खत्म करने के लिए शराब प्रिंट रेट से कम कीमत पर बेची जा रही है। दुकानदारों के अनुसार 75 रुपये का पौआ करीब 55 रुपये और 90 रुपये वाला पौआ करीब 75 रुपये में बेचा जा रहा है, ताकि जमा स्टॉक जल्दी खत्म किया जा सके।

अन्य जिलों में भी जारी हुए नोटिस 
राज्य के आबकारी मंत्री ने केवल बिजनौर ही नहीं बल्कि Kanpur, Agra, Meerut, Lucknow, Bulandshahr, Hathras, Moradabad, Aligarh और Bareilly समेत कई जिलों के आबकारी अधिकारियों को भी नोटिस जारी कर राजस्व वसूली में कमी को लेकर जवाब मांगा है। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध और मिलावटी शराब की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाई जाए और तय राजस्व लक्ष्य को पूरा किया जाए।

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