योगी सरकार का बुलडोजर एक्शन! देवरिया में अवैध मजार जमींदोज, सरकारी जमीन से हटाया गया कब्जा; इलाके में मचा हड़कंप

Edited By Anil Kapoor,Updated: 11 Jan, 2026 05:42 PM

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Deoria News: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में योगी सरकार का बुलडोजर एक्शन देखने को मिला है। देवरिया शहर में स्थित अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार को रविवार को प्रशासन ने गिरा दिया। यह मजार सरकारी बंजर जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी। इस मामले की शिकायत...

Deoria News: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में योगी सरकार का बुलडोजर एक्शन देखने को मिला है। देवरिया शहर में स्थित अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार को रविवार को प्रशासन ने गिरा दिया। यह मजार सरकारी बंजर जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी। इस मामले की शिकायत देवरिया सदर के विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज की।

एसडीएम कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई
यह मामला देवरिया की एसडीएम कोर्ट में चल रहा था। प्रशासन की निगरानी में कई बार जमीन की पैमाइश कराई गई, जिसमें साफ पाया गया कि मजार सरकारी जमीन पर बनी हुई है। इसके बाद एसडीएम कोर्ट ने जमीन को सरकारी बंजर भूमि घोषित करते हुए मजार को हटाने का आदेश दिया।

मजार कमेटी ने भी मानी गलती
मजार कमेटी ने भी कोर्ट के फैसले को स्वीकार कर लिया था। कमेटी के अध्यक्ष राशिद खान ने लिखित में प्रशासन को बताया कि मजार अवैध जमीन पर बनी है और इसे हटाने में वह पूरा सहयोग करेंगे।

तीन बुलडोजर और भारी पुलिस बल तैनात
रविवार को प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ तीन बुलडोजर मौके पर भेजे। इसके बाद मजार को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने।

विधायक ने उठाया था अवैध कब्जे का मुद्दा
यह मजार देवरिया–गोरखपुर रोड पर ओवरब्रिज के नीचे स्थित थी। सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने मजार और उसके आसपास की जमीन पर दरगाह कमेटी द्वारा अवैध कब्जे का मुद्दा उठाया था और इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की थी। शिकायत में कहा गया था कि यह जमीन सरकारी बंजर भूमि है, जिस पर अवैध रूप से मजार और कब्रिस्तान बना दिए गए हैं।

1993 में कराई गई थी फर्जी एंट्री
तहसीलदार की जांच में सामने आया कि 1993 में इस सरकारी जमीन को रिकॉर्ड में मजार और कब्रिस्तान के रूप में दर्ज कर दिया गया था। इसे फर्जी एंट्री माना गया। इसके बाद अपर जिला सरकारी वकील ने राजस्व कानून के तहत एसडीएम कोर्ट में वाद दायर किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने फर्जी प्रविष्टि को रद्द कर जमीन को फिर से सरकारी खाते में दर्ज करने और मजार व कब्रिस्तान को हटाने का आदेश दिया।

प्रशासन की सख्त कार्रवाई
कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने बिना किसी रुकावट के कार्रवाई की और अवैध मजार को बुलडोजर से गिरा दिया। प्रशासन का कहना है कि आगे भी सरकारी जमीन पर किए गए सभी अवैध कब्जों पर इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी।

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