सत्य स्थानांतरित नहीं होता, उसका स्थान अचल है- संभल CJM विभांशु सुधीर के तबादले पर बोले अखिलेश

Edited By Ramkesh,Updated: 21 Jan, 2026 03:57 PM

truth cannot be transferred its place is immovable akhilesh on the transfer

यूपी के संभल में 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल से जुड़े मामले में तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी समेत 22 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने वाले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) विभांशु सुधीर का अचानक तबादला कर...

लखनऊ: यूपी के संभल में 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल से जुड़े मामले में तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी समेत 22 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने वाले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) विभांशु सुधीर का अचानक तबादला कर दिया गया है। इसे लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कहा कि सत्य स्थानांतरित नहीं होता, उसका स्थान अचल है। न्यायपालिका की स्वतंत्रता का हनन सीधे-सीधे लोकतंत्र का हनन है। स्वतंत्र न्यायपालिका ही संविधान की अभिभावकीय सुरक्षा कर सकती है।

आप को बता दें कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) विभांशु सुधीर ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी समेत 22 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था, लेकिन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) विभांशु सुधीर का अचानक तबादला कर दिया गया है। उन्हें सुल्तानपुर में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर तैनात किया गया है।

जानिए पूरा मामला 
जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले संभल निवासी यामीन ने सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी थी। उन्होंने बताया था कि 24 नवंबर को उनका बेटा आलम घर से ठेले पर बिस्कुट बेचने निकला था। उसी दौरान इलाके में बवाल हो गया और फायरिंग शुरू हो गई। इसमें आलम को तीन गोलियां लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। यामीन का आरोप है कि पुलिस के डर से उन्होंने घटना की जानकारी छिपाई और घरेलू झगड़े में घायल बताकर आलम का मेरठ में इलाज कराया। उनका कहना है कि बेटे की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।

अर्जी में लगाए ये आरोप 
यामीन ने अपनी अर्जी में आरोप लगाया था कि उस समय के संभल के सीओ अनुज चौधरी और तत्कालीन कोतवाल अनुज तोमर ने खुद गोली चलाई थी। इसके अलावा उन्होंने कुछ अन्य पुलिसकर्मियों पर भी फायरिंग का आरोप लगाया था। यामीन ने कहा था कि पुलिस उन्हें परेशान कर रही है, इसलिए वह न्याय के लिए अदालत पहुंचे हैं। इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए सीजेएम विभांशु सुधीर ने सीओ अनुज चौधरी, कोतवाल अनुज तोमर समेत 22 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। इसी बीच मंगलवार शाम को सीजेएम विभांशु सुधीर के तबादले का आदेश जारी हो गया। इसके बाद संभल और चंदौसी के अधिवक्ताओं के बीच इस तबादले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
 

 

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