Edited By Anil Kapoor,Updated: 10 Feb, 2026 09:00 AM

UP Desk: राजस्थान के अलवर जिले की पॉक्सो (POCSO) अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मानवता को शर्मसार करने वाले दो दोषियों को 'अंतिम सांस' तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 14 साल की मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले मोहित और ......
UP Desk: राजस्थान के अलवर जिले की पॉक्सो (POCSO) अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मानवता को शर्मसार करने वाले दो दोषियों को 'अंतिम सांस' तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 14 साल की मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले मोहित और अंकित को अब अपनी पूरी जिंदगी सलाखों के पीछे गुजारनी होगी।
प्यार का नाटक और फिर दरिंदगी
यह खौफनाक वारदात 6 नवंबर 2024 को शुरू हुई थी। खेड़ली थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने पुलिस को बताया कि उसकी 14 साल की बेटी रात में अपने कमरे में सो रही थी, लेकिन सुबह वह गायब मिली। परिजनों को मोहित नाम के युवक पर शक हुआ, जो पहले भी लड़की के संपर्क में था। जब परिजन मोहित के घर पहुंचे, तो वह भी फरार मिला।
भिवाड़ी की लोकेशन ने खोला राज
मामला दर्ज होते ही पुलिस एक्शन में आई। पुलिस ने जब मोहित की लोकेशन ट्रेस की, तो वह भिवाड़ी में मिली। पुलिस की एक टीम तुरंत वहां पहुंची, जहां से न सिर्फ मासूम को बरामद किया गया, बल्कि मोहित और उसके साथी अंकित को भी दबोच लिया गया।
हवस का वो 'खौफनाक' खेल
पुलिस जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने सबको झकझोर कर रख दिया:
- मोहित नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया था।
- रास्ते में उसने अपने दोस्त अंकित को भी साथ ले लिया।
- दोनों आरोपी भिवाड़ी की एक कंपनी में दिन में काम करते थे और रात को कमरे पर मासूम के साथ बारी-बारी से गैंगरेप करते थे।
- मेडिकल रिपोर्ट में भी इस जघन्य अपराध की पुष्टि हुई।
कोर्ट ने नहीं दिखाया कोई रहम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पॉक्सो न्यायालय ने सुनवाई तेज की। सरकारी वकील ने अदालत के सामने 22 गवाह और 26 दस्तावेजी सबूत पेश किए। इन पुख्ता सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने मोहित और अंकित को दोषी करार दिया। अदालत ने साफ लफ्जों में कहा कि ऐसे अपराधियों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है और दोनों को 'मरते दम तक' जेल में रहने की कठोर सजा सुनाई। साथ ही, दोषियों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।