Edited By Ramkesh,Updated: 06 Mar, 2026 02:44 PM

'सत्ता का वनवास' और अपनी पहचान, विचारधारा व अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रही बसपा सुप्रीमो एक बार फिर एक्टिव मोड में नजर आ रह है। चुनाव दर चुनाव हर के बाद भी मायावती ने फिर से कार्यकताओं एंव संगठन को धार देने में जुट गई है।
लखनऊ: 'सत्ता का वनवास' और अपनी पहचान, विचारधारा व अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रही बसपा सुप्रीमो एक बार फिर एक्टिव मोड में नजर आ रह है। चुनाव दर चुनाव हर के बाद भी मायावती ने फिर से कार्यकताओं एंव संगठन को धार देने में जुट गई है। दरअसल, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने पार्टी संस्थापक कांशीराम की 92वीं जयंती के अवसर पर 15 मार्च को ‘लखनऊ चलो’ का आह्वान किया है। इस दिन राजधानी में बसपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का बड़ा जमावड़ा होने की संभावना है। कार्यक्रम का आयोजन पुरानी जेल रोड स्थित कांशीराम स्मारक स्थल पर किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं को संदेश देंगी मायावती
पार्टी नेताओं के मुताबिक जयंती कार्यक्रम में प्रदेश के 12 मंडलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक लखनऊ पहुंचेंगे। इस मौके पर पार्टी संस्थापक कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी और संगठन को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं को संदेश भी दिया जाएगा।
कार्यक्रम को लेकर आधिकारिक घोषणा अभी बाकी
सूत्रों के अनुसार बसपा सुप्रीमो मायावती भी लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित कर सकती हैं। हालांकि पार्टी की ओर से उनके कार्यक्रम को लेकर आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन कार्यकर्ताओं में इसे लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
आकाश आनंद राजस्थान के भरतपुर में कर सकतें हैं जनसभा
इसी दिन नोएडा में भी कांशीराम की जयंती पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा पार्टी के केंद्रीय संयोजक आकाश आनंद राजस्थान के भरतपुर में एक जनसभा या रैली को संबोधित कर सकते हैं। बसपा का कहना है कि कांशीराम की जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों के जरिए पार्टी उनके विचारों और सामाजिक न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेगी।