Edited By Pooja Gill,Updated: 29 Mar, 2026 04:54 PM

लखीमपुर खीरी: लखीमपुर खीरी जिले के दुधवा बफर जोन में वन विभाग ने सिंगाही कोतवाली क्षेत्र के गांव में एक तेंदुए को सफलतापूर्वक पिंजरे में कैद कर लिया...
लखीमपुर खीरी: लखीमपुर खीरी जिले के दुधवा बफर जोन में वन विभाग ने सिंगाही कोतवाली क्षेत्र के गांव में एक तेंदुए को सफलतापूर्वक पिंजरे में कैद कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि तीन दिनों तक लगातार तलाशी, गश्त और नाइट-विजन कैमरों तथा ड्रोन कैमरों से निगरानी करने के बाद वन विभाग ने शनिवार देर रात को तेंदुए को पकड़ने के लिए सिंहाउना गांव में पिंजरा रखा था।
बफर जोन के निघासन वन उप-मंडल के उप-विभागीय अधिकारी (एसडीओ) मनोज तिवारी ने बताया, ''दुधवा के पशु चिकित्सक पकड़े गए तेंदुए को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए बेलरायन रेंज मुख्यालय ले गए हैं।'' उन्होंने बताया कि तेंदुए को वन क्षेत्र में छोड़ने के संबंध में आगे की कार्रवाई सक्षम अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार तय की जाएगी।
7 साल की बच्ची को बनाया निवाला
अधिकारियों ने बताया कि माना जा रहा है कि यह वही तेंदुआ जिसने बुधवार रात को फूथा फार्म हाउस में सात साल की बच्ची सिमरन को मार डाला था। घटना के समय बच्ची घर के अंदर खाना खा रही थी। इस घटना से बच्ची के परिवार और गांव वालों में भारी आक्रोश फैल गया था, जिन्होंने उस हिंसक तेंदुए को तुरंत पकड़ने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।
तलाशी के लिए गठित की गई थी टीम
हालांकि बृहस्पतिवार को मौके पर पहुंचीं दुधवा बफर जोन की उप-निदेशक कीर्ति चौधरी द्वारा तेंदुए को पकड़ने का आश्वासन दिए जाने के बाद उन्होंने अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया। तेंदुए का पता लगाने और उसे पकड़ने के लिए एसडीओ निघासन मनोज तिवारी के समन्वय में वन अधिकारियों की कई गश्ती और तलाशी टीम गठित की गई थी।