अनुदानित मदरसों की योगी सरकार कराएगी जांच, मध्याह्न भोजन में 'भ्रष्टाचार' का आरोप

Edited By Ramkesh,Updated: 01 Apr, 2026 07:04 PM

yogi government to investigate aided madrasas over allegations of corruption in

उत्तर प्रदेश सरकार से अनुदान प्राप्त सभी मदरसों में मध्याह्न भोजन योजना में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच कराने के आदेश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की निदेशक मोनिका रानी ने 23 मार्च को राज्य के सभी जिलाधिकारियों...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार से अनुदान प्राप्त सभी मदरसों में मध्याह्न भोजन योजना में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच कराने के आदेश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की निदेशक मोनिका रानी ने 23 मार्च को राज्य के सभी जिलाधिकारियों को भेजे गए पत्र में राज्य सरकार से अनुदान पाने वाले सभी 558 मदरसों में मध्याह्न भोजन योजना में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार/अनियमितता की जांच करने के आदेश दिए हैं।

पत्र में अखिल भारतीय पसमांदा मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष तलहा अंसारी की ओर से 30 जनवरी को भेजे गये शिकायत पत्र को संलग्न करते हुए कहा गया है कि पत्र में उल्लिखित विवरण की जांच कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। अंसारी ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में राज्य सरकार से अनुदान प्राप्त मदरसों में मध्याह्न भोजन योजना में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।

प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने इस आदेश की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत मिली थी कि प्रदेश में सरकार से अनुदान प्राप्त मदरसों में छात्र-छात्राओं को मध्याह्न भोजन योजना के तहत दोपहर मे दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या शिकायत कुछ मदरसों से संबंधित है और सभी मदरसों में जांच क्यों करायी जा रही है, तो राज्य मंत्री ने कहा कि यह किसी घोटाले की जांच नहीं बल्कि मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि जिलाधिकारियों को जल्द से जल्द जांच कराकर रिपोर्ट देने को कहा गया है। इस बीच, शिकायतकर्ता तलहा अंसारी ने संपर्क किये जाने पर बताया कि बलरामपुर में तीन अनुदानित मदरसों मदरसा आयशा सिद्दीका, मदरसा दारुल उलूम फारूकिया और मदरसा फज्ले रहमानिया में मध्याह्न भोजन योजना में लगभग आठ करोड़ का घोटाला हुआ था।

उन्होंने बताया कि इस मामले में 26 नवंबर 2025 को थाना कोतवाली नगर ,बलरामपुर में 44 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और 12 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी। उन्होंने बताया कि मामला उजागर होने पर तीनों मदरसों के प्रधानाचार्यों को निलंबित कर दिया गया था। अंसारी ने बताया कि इसके अलावा बाराबंकी में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने 16 जुलाई 2025 को एक नोटिस जारी किया था जिसमें कहा गया था कि कुछ अनुदानित मदरसों में मध्याह्न भोजन योजना पर अमल नहीं किया जा रहा है। अंसारी ने कहा कि उन्होंने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से और बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव से जनवरी में शिकायत की थी।  उत्तर प्रदेश में करीब 25 हजार मदरसे हैं, जिनमें से 558 को सरकार से अनुदान मिलता है।

 

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