Edited By Ramkesh,Updated: 21 Mar, 2026 08:04 PM

योगी आदित्यनाथ सरकार ने महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को और मजबूत करने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अप्रैल माह से प्रदेश में 25 नए वन स्टॉप सेंटर शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही राज्य में इन केंद्रों की कुल संख्या 96 से बढ़कर 121 हो जाएगी।
लखनऊ: योगी आदित्यनाथ सरकार ने महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को और मजबूत करने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अप्रैल माह से प्रदेश में 25 नए वन स्टॉप सेंटर शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही राज्य में इन केंद्रों की कुल संख्या 96 से बढ़कर 121 हो जाएगी।
इन जिलों को मिलेगा विशेष लाभ
नई योजना के तहत राजधानी लखनऊ, जौनपुर, सोनभद्र और गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में दो-दो नए सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा अयोध्या, मेरठ, प्रयागराज, आगरा, गोरखपुर, वाराणसी, अलीगढ़ और आजमगढ़ समेत कई जिलों में एक-एक नए केंद्र खोले जाएंगे।
महिलाओं के लिए एक छत के नीचे सभी सुविधाएं
वन स्टॉप सेंटर महिलाओं के लिए राहत केंद्र के रूप में काम करते हैं। यहां हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सा सहायता, काउंसलिंग, कानूनी सलाह और पुलिस सहयोग जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे पीड़ितों को त्वरित सहायता और न्याय पाने में आसानी होती है।
आपातकालीन सहायता के लिए विशेष व्यवस्था
सरकार ने हर केंद्र पर आपात स्थिति से निपटने के लिए वाहन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है, ताकि जरूरतमंद महिलाओं तक समय पर मदद पहुंचाई जा सके।
अब तक 2.39 लाख महिलाओं को मिली मदद
प्रदेश के वन स्टॉप सेंटरों के जरिए अब तक 2.39 लाख से अधिक मामलों में महिलाओं को सहायता प्रदान की जा चुकी है। यह आंकड़ा इन केंद्रों की उपयोगिता और प्रभावशीलता को दर्शाता है।
मिशन शक्ति के तहत बड़ा कदम
यह पहल मिशन शक्ति के तहत उठाई गई है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में महिलाओं के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण तैयार करना है। सरकार का यह कदम महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।