Edited By Pooja Gill,Updated: 31 Mar, 2026 12:58 PM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की कालाबाजारी पर सख्ती दिखाते हुए 12 मार्च से अब तक पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर कार्रवाई की है...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की कालाबाजारी पर सख्ती दिखाते हुए 12 मार्च से अब तक पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। सरकार के मुताबिक, इस अवधि में 17,581 छापे और निरीक्षण किए गए, जिससे आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में मदद मिली है। सरकार द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस कारर्वाई के दौरान 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
सभी जिलों में अलर्ट मोड में है प्रशासन
मुख्य सचिव के निर्देश पर सभी जिलों में प्रशासन अलर्ट मोड में है और जिला पूर्ति अधिकारी तथा अन्य अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर और ईंधन मिल सके। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के खिलाफ 33 एफआईआरकी गई हैं जबकि अन्य मामलों में 189 एफआईआर, 17 गिरफ्तारियां और 224 लोगों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।करीब 91,000 किलोलीटर पेट्रोल और लगभग 1.15 लाख किलोलीटर डीजल स्टॉक में उपलब्ध है।
राज्य में इतने पेट्रोल पंप सक्रिय रूप से संचालित
राज्य में 12,888 पेट्रोल पंप सक्रिय रूप से संचालित हैं। 27 से 29 मार्च के बीच हजारों किलोलीटर ईंधन की बिक्री दर्ज की गई, जिससे सप्लाई चेन मजबूत बनी हुई है। राज्य में 4,107 गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुसार गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया कि पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन बढ़ाने और लंबित अनुमतियों को तेजी से मंजूरी देने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकान ने की लोगों से अपील
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर ईंधन या गैस की जमाखोरी न करें, क्योंकि प्रदेश में आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रण में है। स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग के आयुक्त कार्यालय में 24म7 कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम सक्रिय हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने 23 मार्च से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के लिए 20 फीसदी अतिरिक्त आवंटन की अनुमति भी दी है, जिससे आपूर्ति को और मजबूती मिली है।