Edited By Tamanna Bhardwaj,Updated: 06 Aug, 2022 04:51 PM

कानपुर: वैसे तो सरकार शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है। जिसमें सरकार सभी सरकारी स्कूलों में मुफ्त किताबें, ड्रेस, जूते, मोजे, स्वेटर और मध्यान्ह भोजन बच्चों को उपलब्ध करा रही है, लेकिन शिक्षकों की मनमानी...
कानपुर: वैसे तो सरकार शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है। जिसमें सरकार सभी सरकारी स्कूलों में मुफ्त किताबें, ड्रेस, जूते, मोजे, स्वेटर और मध्यान्ह भोजन बच्चों को उपलब्ध करा रही है, लेकिन शिक्षकों की मनमानी के चलते ऐसे नौनिहालों का भविष्य अंधकार में दिख रहा है। योगी सरकार भी शिक्षा विभाग को लेकर आये दिन बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ ओर ही है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से आया है। यहां एक सरकारी स्कूल में शिक्षक बच्चों को पढ़ाने की बजाय स्कूल में उनसे सफाई का काम करा रहे हैं। शिक्षक छोटे-छोटे बच्चों से स्कूल में झाड़ू लगवा रहे हैं। अगर ऐसे ही चलता रहा तो ऐसे पढ़ेगा इंडिया, कैसे बढ़ेगा इंडिया?
ताजा मामला जिले के अकबरपुर क्षेत्र में स्थित संगसियापुर के प्राथमिक स्कूल का है। यहां विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में है। यहां खुलेआम शिक्षा का मजाक उड़ाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यहां बच्चों से पढ़ाई की जगह स्कूल में साफ सफाई का काम कराया जा रहा है।

शिक्षक बेपरवाह होकर यहां से वहां घूमते रहते हैं और बच्चे पूरे स्कूल की सफाई करते हैं। दूसरी तरफ विद्यालय में गैस सिलेंडर आवंटित होने के बावजूद लकड़ी जलाकर खाना बनाया जाता है। इसमें भी बच्चों का योगदान होता है। इस दौरान स्कूल में कुत्ते भी बड़े आराम से चहल कदमी करते देखे जाते हैं।

इसके चलते लोगों ने सोशल मीडिया पर सरकार की जमकर खिंचाई की। एक यूजर ने लिखा कि ये स्कूल की अच्छी पहल है। गगनचुम्बी गैस की कीमतों की वजह से गैस चूल्हे पर खाना पकाने की आदत नहीं रही। लकड़ी ज्यादा ठीक है। बड़े होकर बच्चे करेंगे क्या? रोजगार शून्य है। साफ-सफाई करना सीख लें। कम से कम स्वच्छता अभियान तो कायम रहेगा। एक ने लिखा कि योगी और मोदी सरकार के झूठे वादे देश प्रदेश भुगत रहा है।
वहीं, सुजीत सचान ने एक बदहाल स्कूल की फोटो पोस्ट कर कहा कि ये कानपुर देहात के सभी स्कूलों की हालत बहुत बुरी है। ये मेरे घर के पास के सरकारी स्कूल की फोटो है। एक का कहना था कि सरकारी स्कूल तकरीबन हर जगह बदहाल हैं। लेकिन अंध भक्तों को नहीं नजर आएगा। उनका कहना था कि बच्चों से काम कराना कोई नई बात नहीं। शिक्षक इसे अपना अधिकार समझते हैं पर बड़ी बड़ी बातें करने वाली योगी सरकार क्या कर रही है।