Magh Mela 2026: मौनी अमावस्या पर आएंगे 3.50 करोड़ श्रद्धालु! लगाएंगे पवित्र डुबकी, प्रशासन ने किए खास इंतजाम

Edited By Pooja Gill,Updated: 17 Jan, 2026 12:38 PM

magh mela 2026 35 million devotees will arrive on mauni amavasya

Prayagraj Magh Mela: माघ मेले में भारी संख्या में श्रद्धालुओं जुट रहे है। मौनी अमावस्या पर भी करीब साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है। अनुमान  है कि करीब साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं...

Prayagraj Magh Mela: माघ मेले में भारी संख्या में श्रद्धालुओं जुट रहे है। मौनी अमावस्या पर भी करीब साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है। अनुमान  है कि करीब साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं पवित्र डुबकी लगाएंगे। इसी को देखते हुए मेला प्रशासन ने व्यापक तैयारियाँ की हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक नए स्नान घाट ‘काली पार्ट-दो’ का विस्तार किया गया है। 

15 से 20 लाख श्रद्धालुओं ने किया था पवित्र स्नान 
जानकारी के मुताबिक, लखनऊ और अयोध्या की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नागवासुकि क्षेत्र में ही स्नान की व्यवस्था की गई है, ताकि संगम क्षेत्र पर भीड़ का दबाव कम रहे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार तड़के से ही स्नान शुरू हो गया था। संगम नोज के साथ-साथ नैनी के अरैल, झूंसी और संगम क्षेत्र के अन्य प्रमुख घाटों पर भारी भीड़ देखने को मिली थी। अनुमान के मुताबिक शुक्रवार को 15 से 20 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जबकि प्रशासन का कहना है कि शाम तक मेला क्षेत्र में 25 से 30 लाख लोग मौजूद थे। इनमें बड़ी संख्या में कल्पवासी भी शामिल थे।

देश-विदेश से पहुंच रहे श्रद्धालु 
मौनी अमावस्या के मुख्य स्नान पर्व को लेकर देश-विदेश से श्रद्धालुओं का प्रयागराज पहुँचना लगातार जारी है। शनिवार और रविवार को अवकाश होने के कारण भीड़ और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र को नौ सर्किल में बाँटा गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 16 होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं और लगभग 250 हेक्टेयर क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रशासन को उम्मीद है कि मुख्य स्नान पर्व पर तीन से साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालु स्नान करेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था, डायवर्जन, एआई आधारित निगरानी और भीड़ प्रबंधन को और मजबूत किया गया है। इसके अलावा जल यातायात, रेडियो संचार, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन, सुरक्षा व्यवस्था, साइबर अपराध से निपटने और पांटून पुलों से जुड़ी योजनाओं को भी सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

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